अमेरिका की एक अदालत ने फलस्तीनी लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन(पीएलओ) और फलस्तीनी ऑथोरिटी (पीए) को दस साल पहले इसराइल में हुए चरमपंथी हमले का जिम्मेदार ठहराते हुए उन पर जुर्माना लगाया है।
2002 से 2004 के बीच दूसरे फलस्तीनी इंतेफदा के दौरान यरूशलम के आस-पास हुए छह चरमपंथी हमलों के लिए न्यूयॉर्क की एक अदालत ने पीएलओ और पीए तो दोषी करार दिया है।
इन हमलों में 33 लोग मारे गए थे और 100 से ज्यादा घायल हुए थे। मारे गए लोगों में कुछ अमरीकी नागरिक थे, जिसके कारण मारे गए अमरीकी नागरिकों के परिजनों ने अमरीकी अदालत में केस किया था।
अदालत ने पीड़ितों के परिजनों को 218 मिलियन डॉलर यानी लगभग 1350 करोड़ रूपए मुआवजा दिए जाने का आदेश दिया है। पीएलओ और पीए ने अदालत के फैसले पर आश्चर्य जताते हुए इसके खिलाफ अपील करने का फैसला किया है।