अमेरिकी थिंक टैंक ने पाकिस्तान और चीन को लेकर ट्रंप प्रशासन को चेताया है। एक रिपोर्ट के अनुसार तालिबान और हक्कानी नेटवर्क के लिए पाकिस्तान पनहगाह की तरह है और यह अमेरिका के लिए एक साथी की बजाय अब खतरा ज्यादा है। साथ ही उन्होंंने ट्रंप प्रशासन को इस बारे में भी चेताया है कि पाकिस्तान को स्पष्ट कर देना चाहिए कि अगर आतंक का समर्थन करता रहा तो उन्हें प्रतिबंध झेलने के लिए तैयार रहना चाहिए।
सेंटर फॉर स्ट्रैटेजी एंड इंटरनेशनल स्टडीज (CSIS) के एक बयान के मुताबिक, अफगानिस्तान में हालात खराब हैं और वहां कि सिविलियन पॉलिटिक्स, प्रशासन और गरीबी के साथ लड़ाई जारी है। वहीं, पाकिस्तान अभी भी तालिबान और हक्कानी नेटवर्क जैसे आतंकी ग्रुपों के लिए मददगार बन रहा है। इस लिहाज से वह हमारे लिए साथी से कहीं ज्यादा एक खतरा है।
एंथनी एच कोर्ड्समैन की अध्यता वाली समिति ने जारी रिपोर्ट में कहा है कि अमेरिका को पाकिस्तान को यह साफ करना चाहिए कि अगर वह तालिबान को समर्थन देना और हक्कानी नेटवर्क को बर्दाश्त करना जारी रखता है तो उसे मिलने वाली मदद पूरी तरह बंद कर दी जाएगी। साथ ही उस पर प्रतिबंध लगाए जाएंगे।
रिपोर्ट में चीन के बारे में भी सलाह
रिपोर्ट में चीन का भी जिक्र है। चीन के बारे में सलाह देते हुए कहा गया है, 'अमेरिका को चीन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान संबंधी समस्या से निपटने में चीन का सहयोग चीन और अमेरिका दोनों के हित में होगा'
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों अमेरिका ने पाकिस्तान को आतंकवाद से लड़ने के लिए दी जाने वाली मदद को मुफ्त में मिलने वाली सूची से हटा दिया था। अमेरिका ने कहा था कि पाकिस्तान को अगर और सैन्य उपकरण चाहिए तो उसे खरीदना पड़ेगा, यह सहायता नहीं होगी।