पाकिस्तान, ईरान और सऊदी जैसे इस्लामिक पहचान रखने वाले देश खूंखार आतंकी संगठन आईएस, हमास, अलकायदा और हिजबुल्लाह के साथ मिलकर चोरी-छिपे साजिश करते हैं। बृहस्पतिवार को अमेरिकी इस्लामिक फोरम के एक नेता ने यह बात अमेरिकी संसद में कही। वह हाउस होमलैंड सिक्युरिटी सबकमेटी ऑन ओवरसाइट एंड मैनेजमेंट इफीसिएंसी के सक्षम कट्टरपंथी इस्लामिक आतंकवाद विषय पर बोल रहे थे।
अमेरिकन इस्लामिक फोरम फॉर डेमोक्रेसी के अध्यक्ष एम जुहदी जस्सर ने कहा कि पाकिस्तान, ईरान एवं सऊदी अरब जैसे देशों की इस्लामिक पहचान और राजनीतिक आंदोलन आतंकी संगठनों को चोरी-छिपे प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक इस्लाम की भूमिका को इनकार करना उतना ही खतरनाक हैं, जितना कि आतंकवाद और कट्टरवाद से निपटने के कार्य को खारिज करना। ऐसा करना इस्लाम और सभी मुसलमानों को खलनायक बनाना है।
उन्होंने कहा कि ये इस्लामिक सरकारें अपनी इस्लामी सत्ता के स्वरूप को बनाए रखने के लिए जिहादी आतंकवाद का इस्तेमाल करती हैं। इस बीच अमेरिकी सांसदों ने लगातार तेजी से बढ़ते आतंकी संगठनों को लेकर चिंता जताई। कांग्रेस सबकमेटी के चेयरमैन एवं सांसद मैक थोर्नबेरी ने कहा कि हालिया घटनाएं याद दिलाती हैं कि कट्टरपंथ इस्लामिक आतंकवाद कैसे बदल रहा है और इसको रोकना कितना मुश्किल हो रहा है।