एंड्रयू ब्रैकिन की उम्र अभी महज 18 साल की है और उन्हें जिंदगी ने वह मौका दिया है जो किसी को बस एक बार मिलता है।
यह अवसर उनकी जिंदगी में एक फेलोशिप की शक्ल में आया है जिसमें उन्हें तकरीबन 54 लाख रुपए मिले हैं।
इसके लिए एंड्रयू सैन फ्रांसिसको में रहकर अपने तकनीकी आइडिया पर काम करेंगे।
लंदन का यह किशोर इसके साथ ही दुनिया के 20 नौजवान कारोबारी लोगों की कतार में शुमार हो गया है जिन्हें ‘पे-पाल’ के संस्थापकों में से पीटर थील प्रायोजित कर रहे हैं।
फेलोशिप के लिए आवेदन
पीटर थील उन शुरुआती लोगों में से एक हैं जिन्होंने फेसबुक में पैसा लगाया था।
लेकिन इस पेशकश के साथ एंड्रयूके सामने कुछ शर्तें भी रखी गई हैं।
इस फेलोशिप के बदले एंड्रयू को दो साल तक के लिए यूनिवर्सिटी छोड़नी पड़ेगी और किसी भी तरह की औपचारिक पढ़ाई लिखाई से भी दूर रहना होगा।
अमेरिका सहित 48 देशों के हजारों उम्मीदवारों ने इस फेलोशिप के लिए आवेदन किया था।
चयन के बाद एंड्रयू ने बताया, "मैं सेमीफाइनल में पहुंचा और फिर स्काइप के जरिए इंटरव्यू हुए। उसके बाद हमने कैलिफॉर्निया की ओर रुख किया जहां हमें सिलिकॉन वैली के महत्वपूर्ण लोगों के सामने अपने विचार पेश करने थे।"
‘बंशी’ नाम का ऐप
अंतिम दौर में पहुंचे उम्मीदारवारों को अपना प्रेजेंटेशन बिना किसी लिखित नोट के देना था।
यह प्रेजेंटेशन सैन फ्रांसिसको के येरबा बुएना सेंटर में हुआ था।
इसी जगह पर स्टीव जॉब ने पहली बार आईपैड का अनावरण किया था।
एंड्रयू की योजना इस नकदी के सहारे ‘बंशी’ नाम का ऐप बनाने की है।
यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म होगा जिसके जरिए सोशल नेटवर्क्स और वेबसाइट पर दान उगाहने वाली संस्थाएं पैसा इकठ्ठा कर सकेंगी।
थील फेलोशिप पाने वाले एंड्रयू दूसरे ब्रितानी हैं।
पीटर थील हर साल 20 ऐसे किशोरों को चुनते हैं जो पढ़ाई छोड़कर अपना कारोबार जमाने के लिए काम करते हैं।