वैज्ञानिकों द्वारा मंगल ग्रह पर किए गए अध्ययन में यह पाया गया था कि लाल ग्रह पर जीवन संभव हो सकता है क्योंकि यहां बहते हुए पानी के प्रमाण मिले थे। लेकिन असल में वह पानी नहीं बल्कि लाल ग्रह पर मौजूद बहती हुई रेत और धूल थी। एक अध्ययन में यह बात सामने आई है।
परिणाम यह बताते हैं कि वर्तमान समय में मंगल पर किसी भी प्रकार के तरल पानी की कोई भी मात्रा मौजूद नहीं है। मंगल ग्रह की सतह पर पानी न होने से जुड़ी स्थितियों की वजह से मंगल पर पृथ्वी जैसे जीवन की संभावना होना असंभव है।
अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ एरिजोना और ब्रिटेन की डरहम यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने विश्लेषण किया कि मंगल ग्रह पर संकीर्ण एवं गहरी ढलान वाली सतह है जो उनके परिवेश की तुलना में काफी गहरा है जिसे आवर्ती ढलान रेखा (आरएसएल) कहा जाता है। यह साल के सबसे गर्म समय के दौरान निष्क्रिय होते रहते हैं और धीरे-धीरे फीके पड़ जाते हैं।
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