पठानकोट हमले को मुंबई आतंकी हमले की तरह लेते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि वह इसके दोषियों को सजा दे। उन्होंने जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा तथा डी-कंपनी जैसे पाक स्थित समूहों से पेश आतंकी खतरों के खिलाफ भारत के साथ खड़ा रहने का संकल्प जताया।
व्हाइट हाउस में ओबामा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान के अनुसार, ‘उन्होंने (मोदी और ओबामा) ने पाकिस्तान से 2008 के मुंबई हमले और 2016 के पठानकोट हमले के दोषियों को न्याय के दायरे में लाने के लिए कहा।’बयान के अनुसार, बैठक के दौरान मोदी और ओबामा ने माना कि आतंकवाद से मानव सभ्यता को लगातार खतरा बना हुआ है।
उन्होंने पेरिस से लेकर पठानकोट और ब्रसेल्स से लेकर काबुल तक हुए हालिया आतंकी हमलों की निंदा की। संयुक्त बयान के अनुसार, ‘उन्होंने दुनिया के किसी भी हिस्से में होने वाले आतंकवाद और उनको समर्थन देने वाले दोषियों को न्याय के दायरे में लाने के लिए द्विपक्षीय और समान सोच रखने वाले देशों के साथ अपने प्रयासों को दोगुना करने का संकल्प जाहिर किया।’
बैठक के दौरान, ओबामा और मोदी ने अल कायदा, दाएश/आईएसआईएल, जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-ताइबा, डी-कंपनी और उनसे संबद्ध समूहों जैसे चरमपंथी गुटों से संभावित आतंकी खतरों के खिलाफ सहयोग मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई। इसमें संयुक्त राष्ट्र द्वारा आतंकी घोषित किए गए संगठनों के खिलाफ आपसी सहयोग को और मजबूत करना शामिल है।