आतंकवाद का विरोध करने पर ओबामा प्रशासन ने भारतीय मुस्लिमों की सराहना की है। ओबामा प्रशासन ने कहा कि देश में अपनी जड़ें जमाने में जुटे चरमपंथी समूहों की ओर से इस्तेमाल किए जाने वाले पैसे पर नजर रखने के लिए भारत के साथ बातचीत सफल रही है। ओबामा प्रशासन ने आतंकी संगठनों का विरोध करने के लिए भारतीय मुस्लिमों की सराहना करते हुए कहा कि समुदाय ने देश में आतंकवादी संगठनों का कड़ा विरोध किया।
दक्षिण एवं मध्य एशिया के लिए सहायक विदेश मंत्री निशा देसाई बिस्वाल ने कहा कि भारत में मुस्लिम समुदाय ने ऐसे प्रयासों का व्यापक स्तर पर प्रतिरोध किया। सीनेटर क्रिस मर्फी के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘हमने भारत में देखा है कि कुल मिलाकर कट्टरपंथी विचारधारा अपनी जड़े जमाने में सफल नहीं रही है।’ वह कांग्रेस की सुनवाई के दौरान सीनेट फॉरेन रिलेशंस कमेटी के सदस्यों के समक्ष बोल रही थीं। मर्फी ने भारत में खाड़ी देशों से बढ़ते निवेश पर भी चिंता जाहिर की।
उन्होंने कहा कि भारत में सऊदी के लोगों की ओर से कुछ बड़े निवेश करने की खबरें हैं। मर्फी ने कहा कि वहाबी मूवमेंट की ओर से भारत में स्कूलों और मदरसों का विशाल नेटवर्क स्थापित करने की भी खबर है। इस पर बिस्वाल ने कहा कि अमेरिका ऐसे निवेश पर बारीकी से नजर रख रहा है। साथ ही भारत और दुनिया भर में इसके वैश्विक नेटवर्क को लेकर बेहद चिंतित है।