फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खाड़ी युद्ध का कमांडर स्वॉरजॉफ नहीं रहा

विज्ञापन
विज्ञापन
वर्ष 1991 में खाड़ी युद्ध में गठबंधन सेना का नेतृत्व करने वाले जनरल नॉरमन स्वॉरजॉफ का 78 साल की आयु में निधन हो गया है। स्टॉरमिन नॉरमन के नाम से मशहूर रहे जनरल स्वॉरज़ॉफ वर्ष 1990-91 के दौरान खाड़ी की पहली लड़ाई में गठबंधन सेना के कमांडर थे।
विज्ञापन


तब अमेरिका की अगुआई वाली गठबंधन सेना ने सद्दाम हुसैन की फौज़ को कुवैत से बाहर कर दिया था। खाड़ी युद्ध के दौरान अमरीका के राष्ट्रपति रहे जॉर्ज़ एचडब्लू बुश ने जनरल स्वॉरज़ॉफ के निधन पर शोक प्रकट किया और उन्हें अपनी पीढ़ी के महान सैन्य नेताओं में से एक बताया।

अपनी सैन्य कामयाबी की वज़ह से जनरल स्वॉरज़ॉफ अमेरिका के सबसे अधिक मशहूर और आधुनिक जनरलों में गिने जाते थे। कुछ लोग उनकी युद्ध विराम के समझौतों की वजह से आलोचना भी करते हैं। इसी कारण सद्दाम हुसैन को सत्ता में बने रहने का मौका मिल गया।
विज्ञापन


राष्ट्रीय शख्सियत
अमेरिकी सीनेटर जॉन मैक्नन ने ट्विटर के जरिए दिए अपने संदेश में कहा कि वे अमरीका के महान नायकों में से एक थे, जनरल स्वॉरज़ॉफ की सेवाओं के लिये हम उन्हें शुक्रिया कहते हैं। अमेरिकी रक्षा सचिव लियोन पैनेटा ने भी जनरल नॉरमन स्वॉरज़ॉफ के निधन पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि अपने 35 वर्ष के कार्यकाल में उन्होंने अमेरिकी सेना और देश पर अमिट छाप छोड़ी है।

उन्होंने कहा कि वियतनाम के दो अभियानों में उन्होंने तीन सिल्वर-स्टार जीते और ग्रेनेडा की लड़ाई में फौज का नेतृत्व किया। इसके बाद खाड़ी युद्ध में अमरीकी सेना की सेंट्रल कमांड की जिम्मेदारी संभाली। ऑपरेशन डेज़र्ट स्टॉर्म के दौरान जनरल स्वॉरज़ॉफ अपने विरोधियों को चिढ़ाने के लिए नियमित तौर पर संवाददाता सम्मेलन किया करते थे।

खाड़ी युद्ध के दौरान उन्होंने कहा था कि मैं आपको बताना चाहता हूं कि जहां तक सद्दाम हुसैन की सैन्य रणनीति के महान जानकार होने की बात है, वह ना तो इसके विशेषज्ञ हैं, ना उनमें अभियान चलाने की उनकी कोई दक्षता है, ना वह रणनीतिज्ञ हैं, ना वे जनरल हैं और ना ही सिपाही, इसके बाद भी वह एक बड़े सैनिक हैं।
विज्ञापन


प्रथम खाड़ी युद्ध के बाद जनरल स्वॉरजॉफ एक राष्ट्रीय शख्सियत बन गए थे पर चुनाव लड़ने के सुझावों को उन्होंने हमेशा खारिज कर दिया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें