नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकियों को आश्वस्त किया है कि उत्तर कोरिया कोई भी ऐसा परमाणु मिसाइल परीक्षण नहीं करेगा जो अमेरिका तक पहुंचने में सक्षम हो। ट्रंप ने उत्तर कोरिया का सहयोगी होने के नाते चीन की भी आलोचना की।
ट्रंप का बयान उत्तर कोरिया के नेता किम योंग उन के उस बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने ट्रंप पर दबाव बनाते हुए घोषणा की थी कि उनका देश अंतर महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल के निर्माण के अंतिम चरण में पहुंच गया है।
ट्रंप ने ट्वीट करके कहा कि ‘उत्तर कोरिया ने हाल ही में कहा है कि वह अमेरिका के हिस्सों तक पहुंचने में सक्षम होने वाला परमाणु हथियार बनाने की दिशा में अंतिम चरण में है। लेकिन यह कभी नहीं हो पाएगा।’
उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि- ‘वाशिंगटन ने पहले भी लगातार कहा है कि वह उत्तर कोरिया को परमाणु देश के रूप में कभी भी स्वीकार नहीं करेगा।’ ट्रंप ने इससे पहले कभी भी स्पष्ट रूप से उत्तर कोरिया को लेकर अपनी नीति जाहिर नहीं की थी।
इससे पहले पिछले महीने ट्रंप ने अपने ट्वीट में कहा था कि अमेरिका को अपनी परमाणु क्षमताओं को मजबूत बनाना चाहिए और उनका विस्तार करना चाहिए। ट्रंप ने चीन पर भी सैन्य विस्तारवाद और मुद्रा में हेरफेर का आरोप लगाया है।