हीट शील्ड में आई दरार से नासा के मंगल मिशन 2020 की लांचिंग में कोई देरी नहीं होगी। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने रविवार को इसकी जानकारी दी। मंगल मिशन 2020 में इस्तेमाल होने वाले हीट शील्ड का लगभग हफ्ते भर तक संरचात्मक परीक्षण किया गया।
परीक्षण के बाद जब उसकी संयुक्त संरचना की जांच की गई तो उसमें दरार का पता चला। अब मिशन टीम, हीट शील्ड के लिए एक दूसरी संरचना बनाने पर काम कर रही है।
कैलिफोर्निया के पसाडेना में स्थित नासा की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी के प्रोजेक्ट मैनेजमेंट उसे बनाने वाले लॉकहीड मॉर्टिन स्पेस के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। वे दरार के कारण को समझने का प्रयास कर रहे हैं। इसके साथ ही वह यह पता लगाने के प्रयास में हैं कि क्या दूसरी संरचना की डिजाइन में किसी बदलाव की जरूरत है। लॉकहीड मार्टिन में हफ्ते भर चले परीक्षण के बाद इस दरार का पता 12 अप्रैल को चला था।
परीक्षण को इस तरह से तैयार किया गया था कि मंगल ग्रह के वायुमंडल में जितनी ऊर्जा की आवश्यकता है हीट शील्ड की ऊर्जा उससे 20 फीसदी अधिक हो। नासा ने कहा कि इससे मिशन लांच की तैयारी पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा जो कि 17 जुलाई, 2020 के लिए निर्धारित है।