अमेरिका स्थित एनालिटिक्स कंपनी ने साफ किया है कि वह न डाटा बेचती है, न किराये पर देती है और न री-मार्केट करती है। यह कंपनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक मोबाइल ऐप नमो ऐप के जरिये डाटा हासिल करने के आरोप का सामना कर रही है।
कैलिफोर्निया की कंपनी क्लेवरटैप के सह संस्थापक आनंद जैन ने ईमेल से भेजे जवाब में कहा, कंपनी के कर्मचारियों की पहुंच पब्लिशर की ओर से एकत्रित डाटा तक नहीं है। उनसे पूछा गया था कि क्या कंपनी नमो ऐप के डाटा तक पहुंच सकती है। पांच साल पुराने इस स्टार्टअप की स्थापना तीन भारतीयों ने की थी।
कंपनी पर एक अनाम शोधकर्ता ने आरोप लगाया है कि वह मोदी ऐप के यूजर के निजी डाटा जैसे नाम, ईमेल, मोबाइल नंबर, उपकरण की सूचना और लोकेशन आदि का डाटा एकत्रित कर रही है और वह भी बिना यूजर की जानकारी के। आरोप लगाया गया है कि क्लेवरटैप इस डाटा से फायदा उठा रही है।
शोधकर्ता ने इलियट एडरशन छद्य नाम से ट्वीट किया, जब आप नमो ऐप में प्रोफाइल बनाते हैं, तो आपकी डिवाइस की सारी जानकारी (ओएस, नेटवर्क, कैरियर) और निजी जानकारी (ईमेल, तस्वीर, जेंडर, नाम) तुरंत यूजर की सहमति के बिना तीसरे पक्ष एक वेबसाइट को चली जाती है।