अमेरिका के कद्दावर सांसद जॉन मैक्केन ने सीनेट में एक विधायी संशोधन पेश करते हुए मांग की है कि यदि पाकिस्तान में तालिबान और हक्कानी नेटवर्क समेत आतंकवादी समूहों को समर्थन दिया जाना बंद नहीं किया जाता है तो उस पर राजनयिक, सैन्य और आर्थिक लागत का भार डाला जाए। मैक्केन ने राष्ट्रीय रक्षा प्राधिकार अधिनियम (एनडीएए) 2018 में संशोधन का प्रस्ताव रखा है, ताकि अफगानिस्तान में शांति, स्थिरता और अमेरिका के खिलाफ आतंकवादी हमलों को रोका जा सके।
अमेरिकी सीनेट की हथियार सेवा समिति के अध्यक्ष जॉन मैक्केन द्वारा पाकिस्तान संबंधी इस विधेयक को कांग्रेस की मंजूरी मिलने की पूरी संभावना मानी जा रही है क्योंकि उनके विधेयक अभी तक अमेरिकी संसद में रुके नहीं हैं। एनडीएए-2018 में सीनेट संशोधन 609 के मुताबिक अमेरिका और उसके सहयोगियों के मूल हितों पर हमला करने की आतंकी समूहों की क्षमता को नष्ट करना या बाधित करना अमेरिकी कांग्रेस का कर्तव्य है। यह संशोधन कांग्रेस को अफगानिस्तान में तालिबान को रोकने के लिए सैन्य बल का इस्तेमाल करने और अफगानिस्तान में आतंकवाद को उखाड़ फैंकने की भी अनुमति देता है।
मैक्केन के इस विधेयक का मकसद अफगान सुरक्षा बलों को मजबूत करने के साथ-साथ अमेरिकी सुरक्षा बलों को हक्कानी नेटवर्क, तालिबान व अन्य आतंकवादियों को निशाना बनाने का अधिकार देना है। इस विधायी संशोधन में अपील की गई है कि ‘यदि पाकिस्तान तालिबान और हक्कानी नेटवर्क समेत आतंकवादी समूहों को समर्थन देना जारी रखता है तो उस पर धीरे-धीरे राजनयिक, सैन्य और आर्थिक लागत का भार डाला जाए।
सीनेट में पेश इस संशोधन विधेयक में अफगानिस्तान, पाकिस्तान, चीन, भारत, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और अन्य देशों से मिलकर क्षेत्रीय वार्ता के लिए सुगम ढांचे द्वारा अमेरिका के क्षेत्रीय कूटनीतिक प्रयासों को तेज करने की अपील की गई है।