अमेरिका में इन दिनों दो ही बातों पर चर्चा हो रही है, एक सीरिया पर या फिर सायरस पर, सायरस यानि पॉप स्टार माइली सायरस।
जवान होने का हक सबको है लेकिन दो साल पहले तक अमेरिका घरों में टीवी शो हैना मोंटाना की ''अच्छी बच्ची'' के किरदार के जरिए लोगों के दिलों पर राज करने वाली किशोरी इस हक़ को हासिल करने के लिए जो करतब दिखा रही हैं वो अमेरिका को हजम नहीं हो रहा।
पिछले हफ्ते एमटीवी के वीडियो म्यूजिक अवार्ड समारोह में माइली अपनी त्वचा के रंग वाले रबर के बने ऐसे दो वस्त्र पहनकर आईं, जो उन्हें निर्वस्त्र ज्यादा कर रहे थे।
जो डांस उन्होंने किया उसमें वो खुद को पॉप स्टार से ज्यादा पोर्न स्टार की तरह पेश कर रही थीं। अमेरिका मुंह फाड़े देख रहा था अपनी चहेती हैना मोंटाना का ये रूप।
टीशर्ट पर हैना मोंटाना, लंच बॉक्स पर हैना मोंटाना, स्कूल बैग पर हैना मोंटाना, जुराबों और जूतों पर भी हैना मोंटाना अमेरिका मध्यम वर्ग अपनी बेटियों के इस दीवानेपन पर फूला नहीं समाया करता था।
एक डरावना सपना
कहीं न कहीं उम्मीद थी कि किशोरावस्था की दहलीज़ लांघ रही उनकी बेटियां भी हैना मोंटाना की मासूमियत में लिपटी रहेंगी।
बहुत सारे मां-बाप अपने बेटे-बेटियों के साथ ये शो देख रहे थे और शो के बाद तो मानो भूचाल आ गया।
ट्विटर, फेसबुक, यूट्यूब हर जगह माइली के लिए ''सस्ता और बाजारू'' से जुड़े जितने भी विशेषण आप सोच सकते हैं, उनका इस्तेमाल हो रहा था। हर मिनट तीन लाख से ज्यादा संदेश ट्विटर पर जारी हो रहे थे।
कुछ मां-बाप तो इतने आहत हुए कि उन्हें काउंसलिंग की जरूरत महसूस होने लगी। एक सज्जन तो यहां तक कह बैठे कि माइली की वजह से महिलाओं के हक का आंदोलन 50-60 साल पीछे चला गया है।
मगर देखा जाए तो माइली ने वही किया जो इस तरह के अवार्ड्स में पहले भी होता रहा है। वीएमए अवार्ड्स ही थे जिसमें लेडी गागा गुलाबी कच्चे गोश्त से बना लिबास पहनकर आईं थीं।
मैडोना ने ब्रिटनी स्पीयर्स के होठों का बरसों से बिछड़ी प्रेमिका की तरह रसपान किया और इसी स्टेज पर वो लाइक एक वर्जिन के प्रदर्शन से मशहूर हुईं।
माइली ने भी उसी सेलिब्रिटी मंत्र को अपनाया जो दिखता है वही बिकता है। चर्चा होती रहनी चाहिए अच्छी या बुरी। उनके नजरिए से देखें तो वो कामयाब रहीं। इस प्रदर्शन के बाद शायद ही किसी को संदेह रह जाएगा कि माइली अब पंद्रह की नहीं बीस की हो चुकी हैं।
अमेरिका मध्यम वर्ग की मुश्किल ये है कि कल तक माइली में वो अपनी बेटियों को देखते थे। अब वही चेहरा उन्हें डरावने सपने की तरह लग रहा है।