एक शीर्ष अमेरिकी अधिकारी ने ओबामा के आठ वर्षों के कार्यकाल के दौरान आतंकवाद के खिलाफ भारत और अमेरिका के बीच साझेदारी की प्रशंसा करते हुए इसे सफल बताया है। उन्होंने कहा कि इसने न केवल दोनों देशों में आतंकवाद का खतरा कम हुआ बल्कि कई आतंकी साजिशों को नाकाम करने से भारत और अमेरिका में कई जिंदगियां बचाई गईं।
व्हाइट हाउस में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के दक्षिण एशियाई मामलों के वरिष्ठ निदेशक पीटर लेवॉय ने कहा कि मैं आपको बता सकता हूं कि हमारी साझेदारी की वजह से कई आतंकी साजिशों को नाकाम किया गया। आपसी तालमेल की वजह से अनेक भारतीय और अमेरिकी जिंदगियां बचाई गईं। यह बहुत ही महत्वपूर्ण प्रगति है और मेरा मानना है कि यह आगे भी जारी रहेगा। हालांकि, हम उन आतंकी साजिशों का खुलासा नहीं कर सकते जिन्हें हमने नाकाम किया।
उन्होंने कहा कि पिछले आठ साल के दौरान ओबामा शासन में दोनों देशों के बीच आतंकवाद रोधी कार्रवाई एक नए स्तर पर पहुंची है। ओबामा ने 26/11 जैसी बड़ी आतंकी घटना के कुछ महीनों बाद अमेरिकी राष्ट्रपति का पद संभाला था।
लेवॉय ने भारत को परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में शामिल नहीं करवा पाने पर निराशा भी व्यक्त की और कहा कि एनएसजी अपनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए इस पर गौर कर रही है कि किस तरह से एक गैर-अप्रसार संधि का सदस्य देश इसका हिस्सा बन सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत को एनएसजी में जल्द ही शामिल कर लिया जाएगा।