पॉल बीटी मैन बुकर पुरस्कार पाने वाले पहले अमरीकी लेखक बन गए हैं। उनकी किताब 'द सेलआउट' नस्ली हिंसा पर लिखा हुआ व्यंग्यात्मक रचना है। द सेलआउट एक ऐसे काले युवक की कहानी है जो लॉस एंजेल्स के सीमाई इलाकों में कालों के साथ होने वाली गुलामी और नस्लीय अलगाव को नए तरीके से बताता है।
जजों की कमिटी के अध्यक्ष अमांडा फोरमैन का कहना है कि यह किताब "सभी तरह के सामाजिक टैबू की पड़ताल" करती है। 54 साल के बिटी को लंदन के गिल्डहॉल के एक समारोह में मैक बुकर देने की घोषणा की गई। इस पुरस्कार के रूप में उन्हें 50,000 पाउंड मिलेंगे। वैसे पॉल बीटी ने समारोह में अपनी बात कहते हुए आखिर में स्वीकारा, "मुझे लिखना बिलकुल पसंद नहीं।"
वे कहते हैं, "इस किताब को लिखना मेरे लिए मुश्किल रहा। मुझे पता है कि इसे पढ़ना भी आसान नहीं होगा। हर कोई इसे अपने नजरिए से पढ़ रहा है।" द सेलआउट ने पांच दूसरे उपन्यासों को पीछे छोड़ते हुए ये ख़िताब जीता है।