अमरीका के फ़्लोरिडा के स्टेटसन विश्वविद्यालय के एक छात्र निक लुट्ज़ को पूर्व प्रेमिका ने चिट्ठी लिखकर माफ़ी मांगी। जवाब में निक लुट्ज़ ने लाल कलम से उस चार पन्ने के पत्र में गलतियां निकाली और पत्र को नंबर देकर वापस भेज दिया।
निक लुट्ज़ ने पत्र को 100 में से 61 नंबर दिए और कोशिश के लिए 'डी' दिया। पत्र के आखिरी पन्ने पर निक लुट्ज़ ने लिखा, "लंबा इंट्रो, छोटा निष्कर्ष, मज़बूत परिकल्पना लेकिन उसके समर्थन में कुछ नहीं. विवरण महत्वपूर्ण है।"