कुण्डली में बना आंशिक काल सर्प दोष, भाग्येश की त्रिक भाव में स्थिति, लग्नेश की सूर्य से युति होने के कारण करियर की सफलता में बाधा है।
वर्तमान में जून 15 तक चल रहा दशाक्रम भी आपके प्रतिकूल है। ग्रह शांति के लिए नित्य मोर पंख दो तीन बार अपने शरीर पर घुमाएं। नित्य भगवान शिव की उपासना करें।
सवा पांच रत्ती वजन का पीला पुखराज रत्न या सुनैहला उपरत्न सोना या तांबा में दाहिनी तर्जनी में गुरुवार के दिन धारण करें। ऐसा करने पर इसी वर्ष मार्च के बाद निजी क्षेत्र में नौकरी प्राप्ति की संभावना बन सकती है।