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आईएस की योजना, महिलाओं से होगा आतंक का पुनर्जन्म

Tue, 28 Nov 2017 04:08 AM IST
एजेंसी/वॉशिंगटन
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सीरिया - फोटो : FILE PHOTO
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हम अपने बेटे-बेटियों को बताएंगे कि आईएस के राज में जिंदगी कितनी खुशहाल थी। उन्हें इतना ताकतवर और तेज बनाएंगे कि वे खलीफा का वह राज वापस ला सकें। सीरिया से अपने घर मोरक्को लौटी एक महिला जराह ने यह बात कही। महिला छह महीने पहले आतंकी संगठन के लिए लड़ने सीरिया भागी थी। 
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अमेरिकी खुफिया एजेंसी के अधिकारियों के मुताबिक सीरिया और इराक में आईएस के कमजोर पड़ने के बाद वहां से लड़ाके, महिलाएं और बच्चे भाग रहे हैं। वे उत्तरी अफ्रीका से लेकर पश्चिमी यूरोप के कई देशों में अपने घरों में वापस लौट रहे हैं।

यहां लौटी सभी महिलाएं एक जैसी कहानी सुनाती हैं कि उनके पति आर्थिक फायदे के लिए सीरिया गए और मजबूरी में हम भी उनके साथ चल दिए। अब आईएस के आतंक से भागकर अपने घर लौटना चाहते हैं।
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 वाशिंगटन पोस्ट में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक सुरक्षा अधिकारियों को डर है कि हकीकत में ज्यादातर महिलाएं झूठ बोल रही हैं। उन्होंने सीरिया छोड़ा है, लेकिन उनकी सोच और आत्मा ने नहीं। उनके दिमाग में अब भी आईएस का आकर्षण है और उनका मकसद जराह की तरह आईएस की विचारधारा को फैलाना है।

 दावा है कि आईएस के नेताओं ने महिलाओं को इस तरह के दिशा-निर्देश देकर दूसरे देशों में भेजा है। ताकि भविष्य में एक बार फिर आईएस ताकतवर होकर लौट सके। 

मुश्किल है इन महिलाओं को रोकना
इंटरनेशनल सेंटर फार द स्टडी ऑफ वाइलेंस एक्सट्रीमिज्म की निदेशक एनी स्पेकहार्ड कुछ महिलाएं ऐसी जरूर होंगी, जिन्हें जबरदस्ती सीरिया ले जाया गया है, लेकिन ज्यादातर कट्टरपंथी बन चुकी हैं। इन महिलाओं पर कार्रवाई भी मुश्किल है।

 आईएस से लौटे जिन लोगों ने अपराध किया है, उन्हें जेल भेज दिया जाएगा, लेकिन कानून में यह साफ नहीं है कि उनकी पत्नी और मां के साथ क्या किया जाए। जिनका हिंसा में कोई सीधा हाथ नहीं है। 
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