इराक और सीरिया में अपनी खिलाफत चलाने वाला खूंखार आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) भारत पर बड़ा हमला करने की फिराक में है। इसके लिए उसने बाकायदा तैयारी भी करनी शुरू कर दी है।
आईएस ने अपने खतरनाक मंसूबों को अंजाम देने के लिए पाकिस्तान और अफगानिस्तान के तालिबान आतंकियों को एकजुट भी करना शुरू कर दिया है।
इसके अलावा उसने अल कायदा जैसे खतरनाक आतंकी संगठनों से आरपार की इस लड़ाई में साथ देने की अपील भी की है। एक अमेरिकी मीडिया समूह ने आईएस के आंतरिक भर्ती दस्तावेजों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में यह सनसनीखेज दावा किया है।
आर पार की जंग की फिराक में है आईएस
हालांकि भारतीय खुफिया एजेंसियां पहले ही देश में आईएस की मौजूदगी को सिरे से खारिज कर चुकी हैं। यूएसए
टुडे में मंगलवार को छपी अमेरिकी मीडिया इंस्टीट्यूट की एक रिपोर्ट में
पाकिस्तान तालिबान से जुडे़ एक पाक नागरिक से हासिल किए गए उर्दू में लिखे
32 पेज के इस दस्तावेजों का हवाला दिया गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है,
‘दस्तावेज आगाह करता है कि आईएस भारत में बडे़ आतंकी हमलों को अंजाम देने
की तैयारी कर रहा है। यह हमला अमेरिका को उकसाएगा, जिससे आईएस आर-पार की
जंग करने की फिराक में है।’
रिटायर्ड सीआईए अधिकारी और अब ब्रुकलिन
इंस्टीट्यूट में सीनियर फेलो ब्रूस रिडेल ने कहा कि भारत पर हमला करके आईएस
अपना कद बढ़ाना चाहता है और क्षेत्र में अपनी धाक जमाना चाहता है।
मिले कई दस्तावेज
उन्होंने कहा कि भारत पर हमला दक्षिण एशियाई आतंकियों के लिए सुनहरे अवसर
के जैसा ही है। इस रिपोर्ट में यह कहा गया है कि भले ही अमेरिका अपने सहयोगियों के साथ हमले करने की कोशिश में लगा हुआ है, मगर उसका जवाब मुस्लिम एकजुट होकर देंगे।
इसका नतीजा यह होगा कि अमेरिका के खिलाफ आखिरी जंग लड़ी जाएगी। उर्दू में मिले इन दस्तावेजों को अंग्रेजी में हार्वर्ड के एक विशेषज्ञ ने अनुवाद किया और इसकी कई सेवारत और अवकाशप्राप्त खुफिया अधिकारियों से जांच कराई गई।
दस्तावेज का शीर्षक है ‘खिलाफत का संक्षिप्त इतिहास, पैगंबर के मुताबिक खिलाफत’। न्यूज साइट के मुताबिक, आईएस दर्जनों पाक और अफगानी तालिबान आतंकियों को एकजुट कर उनका दस्ता बनाने की तैयारी कर रहा है।
बनाना चाहता है नेटवर्क
वहीं, अमेरिका ने कहा है कि वह अफगानिस्तान में आईएस की मौजूदगी पर निगाह रखे हुए है। रूस ने कहा है कि आईएस ने अपने संगठन में सौ से ज्यादा देशों से आतंकी लड़ाकों को भर्ती किया है।
जो आगे चलकर वैश्विक स्थिरता के लिए खतरा साबित हो सकते हैं। रूस की संघीय सुरक्षा सेवा के प्रमुख अलेक्जेंडर बोर्तनिकोव ने कहा कि आईएस दुनिया में आतंकियों का एक नेटवर्क बनाना चाहता है।
जिससे उन देशों के लिए भी खतरा हो सकता है।जहां से आईएस में शामिल होने के लिए जिहादी आए हैं। आईएस इसके लिए युवाओं को निशाना बना रहा है।