इराक युद्ध के दौरान अपने दोनों हाथ और दोनों पैर गवां चुके अमेरिकी सैनिक का कहना है कि वो फिर से तैरना और गाड़ी चलाना चाहते हैं। उनके दोनों हाथों का सफल प्रत्यारोपण किया जा चुका है।
26 साल के ब्रेंडन मोराक्को चार साल पहले, इराक युद्ध के दौरान उस वक्त बुरी तरह घायल हो गए थे, जब सड़क किनारे एक बम धमाका हुआ था। इस घटना में उन्होंने अपने दोनो हाथ और पांव खो दिए।
13 घंटे लंबी सर्जरी के बाद डॉक्टरों ने ब्रेंडन को नई बाहें दी। इसके लिए एक दान दाता ने उन्हें अपनी बाहें और अस्थि मज्जा दी थी। उन्हें एक चिकित्सा की विशेष प्रक्रिया से गुजरना पड़ा ताकि उनका शरीर नए अंगों को नकार न दे।
मेरीलैंड के बाल्टीमोर में जॉन हॉपकिन्स अस्पताल में 13 घंटे की सर्जरी करने वाले डॉक्टरों के दल के प्रमुख डॉ डब्ल्यूपी एंड्रयू ली ने संवाददाताओं को बताया कि तंत्रिका तंत्र को दुरुस्त होने में वक्त लगेगा।
उनके सर्जन का कहना है कि नई बांह को पूरी तरह इस्तेमाल लायक होने मे साल भर से ज्यादा का वक्त लग सकता है। इसके बाद ब्रेंडन मोराक्को अपने हाथों का कुशलता पूर्वक इस्तेमाल कर सकेंगे। ब्रेंडन मोराक्को ने कहा कि वो दाता के बारे में ज्यादा नहीं जानते, लेकिन वो उनके इस उपहार से अभिभूत हैं।
आकाश ही सीमा
अमेरिका में दोनों हाथ या फिर दोनों बाहों के प्रत्यारोपण के अब तक सिर्फ सात ऑपरेशन हुए हैं। ब्रेंडन मोराक्को का कहना है कि प्रत्यारोपण के बाद उनकी इच्छा फिर से गाड़ी चलाने और तैरने की है। उनका कहना था कि मैं तो बस जल्द से जल्द इनका इस्तेमाल करना चाहता हूं।
ब्रेंडन मोराक्को कहते हैं कि उन्हें इस बात से चिढ़ होती थी कि उनके पास हाथ नही हैं। वो कहते है कि आप अपने हाथों से बात कर सकते हैं, आप अपने हाथों से सब कुछ कर सकते हैं, और जब आपको लगता है कि आपके पास हाथ नहीं है, तो आप थोड़ी देर के लिए खो जाते हैं।
देखा गया है कि आम तौर पर जिन कृत्रिम हाथ पैरों का इस्तेमाल किया जाता है वो उन्नत नही हैं। डॉ. जिमी शोर्स कहते हैं कि मोराक्को युवा हैं और उनमें जबरदस्त आशा और उत्साह है वो जिद्दी है। मुझे लगता है कि आकाश उनकी सीमा है।