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आतंकी समूहों के ठिकाने और उनके पनाहगाहों को खत्म करे पाकिस्तान : अमेरिका

Fri, 15 Jul 2016 08:08 AM IST
एजेंसी/ वाशिंगटन
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अमेरिका ने बृहस्पतिवार को पाकिस्तान से स्पष्ट तौर पर कहा कि वह आतंकी समूहों के खिलाफ कार्रवाई करे जो पड़ोसी देशों को लक्ष्य करते हैं। साथ ही उनके सभी पनाहगाहों को भी खत्म करे। अमेरिका ने यह भी कहा कि देश को अस्थिर करने वाले समूहों से लड़ने के लिए पाकिस्तान ने सार्थक कदम उठाए हैं।
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विदेश मंत्रालय के उप प्रवक्ता मार्क टोनर ने अपने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘हम इस बात को लेकर बहुत स्पष्ट रहे हैं कि पाकिस्तान को उसके पड़ोसी देशों को निशाना बनाने वाले सभी आतंकवादी समूहों को लक्ष्य करना चाहिए और उनके सभी सुरक्षित ठिकानों को खत्म करना चाहिए।’

टोनर ने कहा कि अमेरिका पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल राहील शरीफ के छह जून के उस बयान की सराहना करता है जब उन्होंने पाकिस्तानी सैन्य कमांडरों, खुफिया एजेंसियों एवं कानून प्रवर्तन एजेंसियों को यह सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए थे ताकि आतंकी समूहों को सुरक्षित पनाहगाह न मिले या वे अफगानिस्तान में आतंकवादी हमले करने के लिए पाकिस्तानी जमीन का इस्तेमाल नहीं करें।
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उन्होंने कहा, ‘आतंकवादी खतरों से निपटने के लिए पाकिस्तान को अगला कदम किस तरह से उठाने की जरूरत है, हम इस बारे में अपनी कुछ चिंताओं से निपटने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।’

कश्मीर मसले को बातचीत के जरिए सुलझाए भारत-पाकिस्तान
अमेरिका ने बृहस्पतिवार को कहा कि कश्मीर मसले के समाधान के लिए अमेरिका चाहता है कि भारत और पाकिस्तान बातचीत का रास्ता अपनाएं। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के उप प्रवक्ता मार्क टोनर ने कहा, ‘हम कश्मीर मसले के समाधान के लिए भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत होते देखना चाहते हैं। इस संदर्भ में हमारी नीति नहीं बदली है।’
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पाकिस्तान के साथ अच्छे संबंध चाहता है भारत लेकिन आतंकवाद एक बड़ा मसला : गडकरी

- फोटो : PTI
 वहीं केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बृहस्पतिवार को कहा कि पाकिस्तान के साथ भारत अच्छे संबंध रखना चाहता है लेकिन आतंकियों को भेजना एक बड़ा मसला है। उन्होंने कहा कि भारत की तरह से कोई समस्या नहीं है लेकिन आतंकी और आतंकी संगठन बड़े मुद्दे हैं।

चाबाहार बंदरगाह के संदर्भ में उन्होंने कहा कि यह अगले 18 महीने में तैयार हो जाना चाहिए। इस बंदरगाह के जरिए भारत बिना पाकिस्तान के क्षेत्र में प्रवेश किए अफगानिस्तान और रूस तक सीधे पहुंच सकता है।

कश्मीर के आतंकी समूहों को पाकिस्तान का समर्थन
अमेरिकी नीति निर्माताओं को बताया गया कि पाकिस्तान द्वारा प्रतिबंधित हिजबुल मुजाहिदीन के कश्मीरी उग्रवादी बुरहान वानी की मौत की निंदा करना इस बात का निर्विवाद सबूत है कि वा आतंकी समूहों का समर्थन करता है।

लांग वार जर्नल फॉर डिफेेंस ऑफ डेमोक्रेसीज के वरिष्ठ संपादक बिल रोगियो ने मंगलवार को कहा, ‘पिछले सप्ताह भारतीयों ने कश्मीरी आतंकी को मार डाला जो हिजबुल मुजाहिदीन का सदस्य था। यह एक खतरनाक आतंकी संगठन है। और पाकिस्तान ने क्या इस मौत की सराहना की? नहीं। वास्तव में उन्होंने आतंकी की मौत की निंदा की और उसे कष्मीरी अलगाववादी बताया।’
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