व्हाइट हाउस का कहना है कि राष्ट्रपति बराक ओबामा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो दृष्टिकोण साझा किया था उसके अनुसार अमेरिका और भारत के मजबूत आर्थिक संबंधों से दोनों देशों में रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं और उनकी अर्थव्यवस्था भी दृढ़ होगी।
व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जोश अर्नेस्ट ने बृहस्पतिवार को कहा, ‘राष्ट्रपति का मानना है कि दोनों देशों के बीच प्रभावी सहयोग से दोनों देशों की अर्थव्यवस्था में सुधार हो सकता है। रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं और अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन मिल सकता है।’
उन्होंने कहा कि ओबामा को इन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए नरेंद्र मोदी के रूप में एक प्रभावी वार्ताकार और सहयोगी मिल गया है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति अपने कार्यकाल के शुरुआती साढ़े सात साल के दौरान हुई प्रगति से खुश हैं और हम अगले पांच माह भी ऐसे प्रयास करते रहेंगे। अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन कैरी और वाणिज्य मंत्री पेनी प्रिट्जकर दूसरी रणनीतिक और वाणिज्यिक वार्ता के लिए अगले सप्ताह भारत आएंगे।