ट्रंप प्रशासन द्वारा अमेरिकी संसद में एच-1 बी वीजा शर्तों को और सख्त बनाने वाला विधेयक पेश करने के बाद वहां पहले से इस वीजा पर काम कर रहे लोगों में जबरदस्त अफरा-तफरी है। विधेयक के पारित होते ही भारतीयों के सामने रोजगार का बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा, जबकि अमेरिकी कंपनियां फिलहाल भारतीय कर्मचारियों को भारत यात्रा टालने या रद करने की सलाह दे रही हैं। इस कारण अमेरिका में रह रहे ये पेशेवर अधर में लटक गए है, वे न तो वतन वापसी कर पा रहे हैं और न ही अमेरिका में उन्हें कोई भविष्य दिखाई दे रहा है।
अमेरिकी कंपनियों ने एच-1 बी वीजा पर वहां काम कर रहे भारतीय कर्मचारियों को सलाह दी है कि वे फिलहाल अपनी भारत यात्रा को टाल दें या रद कर दें, क्योंकि जो कर्मचारी पिछले दिनों भारत गए थे उन्हें अमेरिका में लौटने के लिए कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यहां तक कि कई युवाओं को अपने वीजा पर मुहर लगवाने के लिए दोबारा सघन जांच प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है। कई लोग ऐसे भी हैं जो अमेरिका लौट ही नहीं पा रहे हैं जबकि उनका परिवार अमेरिका में रह रहा है। हवाई अड्डों पर भी एच-1 बी वीजा धारकों को सघन पूछताछ से होकर गुजरना पड़ रहा है।
एच-1 बी वीजा व अप्रवासी मामलों पर काम करने वाली बड़ी कंपनी मूर्ति लॉ फर्म ने अपनी वेबसाइट पर लिखा है कि ट्रंप प्रशासन के नए आदेश जारी होने से पहले ही वीजा रद करने के मामलों में तेजी दिखाई दे रही है। इस फर्म की सलाह है कि जब तक एकदम आवश्यक नहीं हो, यात्रा न करें। सेन फ्रांसिस्को स्थित एक आईटी कंपनी ने भारतीय कर्मचारियों से कहा है कि 221 (जी) कानून के मामलों में चौंकाने वाली तेजी दिखाई दे रही है। नई व्यवस्था में जो प्रक्रिया अपनाई जा रही है उसमें आवेदक को महीनों लग सकते हैं और इस बीच उसकी नौकरी भी जा सकती है। ऐसे में भारतीय कर्मचारियों के सामने दोनों ही हालातों में नौकरी जाने का संकट मंडरा रहा है।