सोशल वर्क का ऑस्कर जीतने वाली अमिका जॉर्ज के दादा-दादी भारत में केरल के रहने वाले थे और ब्रिटेन जाकर बस गए थे। अमिका वहीं पर पैदा हुई। उसने किशोर उम्र में ही ऑनलाइन याचिका से अपने अभियान की शुरूआत की। अब वह कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से इतिहास पढ़ने की शुरूआत करने वाली है। उसका मकसद हर लड़की के लिए फ्री सेनेटरी पैड के लिए संघर्ष करना है।
भारतवंशी अमिका के अलावा यह अवॉर्ड आईएस के आतंक से बचकर निकली 24 साल की यजीदी युवती नादिया मुराद और केन्या में किसानों की मदद करने के लिए 28 साल की डायसमस किसिलू को मिल चुका है। इन दोनों युवतियों ने भी महिलाओं के लिए संघर्ष से बचने के मकसद से बड़े काम किए हैं।