संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधारों का मुद्दा एक बार फिर उठा। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने जी-4 देशों के विदेश मंत्रियों के साथ बुधवार को यहां बैठक की और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा सुधारों पर प्रगति को लेकर चर्चा की। जी-4 नाम से मशहूर भारत, ब्राजील, जर्मनी और जापान देशों ने लंबे समय से लंबित सुरक्षा परिषद में सुधारों के मुद्दे पर किसी तरह की प्रगति न होने पर संयुक्त रूप से चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि समय आ गया है जब शक्तिशाली सुरक्षा परिषद की वैधता और उसकी विश्वसनीयता को बनाए रखने के लिए गंभीरता से चर्चा हो।
भारत, ब्राजील, जर्मनी और जापान एक विस्तारित सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य बनने की आकांक्षा रखते हैं। जी-4 के रूप में जाने जाने वाले ये देश संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के लिए एक-दूसरे का समर्थन कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने अपने ट्वीट में कहा, ‘स्वराज ने जापान, जर्मनी और ब्राजील के विदेश मंत्रियों के साथ बैठक में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी और गैर-स्थायी श्रेणी की सदस्यता के विस्तार और सुरक्षा सुधारों में प्रगति को लेकर चर्चा की।’
उन्होंने कहा कि सामान्य हितों के लिए दृढ़ता हमारा संकल्प है। स्वराज और अन्य विश्व नेता वार्षिक संयुक्त राष्ट्र की आमसभा में शामिल होने के लिए इन दिनों न्यूयार्क में हैं। सभी की निगाहें 29 सितंबर को होने वाली संयुक्त राष्ट्र की आम बहस पर टिकी है, जब विदेश मंत्री स्वराज अपना भाषण देंगी। उनके भाषण को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि भारत ने पाकिस्तान के साथ विदेश मंत्री स्तरीय बैठक अविश्वास के माहौल और सीमापार से संघर्ष विराम के उल्लंघन के परिप्रेक्ष्य में रद्द कर दी है।