भारत दुनिया की सबसे तेज विकास दर वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा और इसका सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 2025 तक 5,000 अरब डॉलर तक पहुंच जाने का अनुमान है। यह बात भारत के आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने विश्व बैंक से कही। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में आर्थिक सुधार के लिए उठाए गए कदमों के लाभ मिलने लगे हैं। उन्होंने भूटान, नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे दक्षिण एशियाई देशों का हवाला देते हुए कहा कि भारत इस क्षेत्र में विकास का पथ प्रदर्शक बना हुआ है।
आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने विश्व बैंक में जताया अनुमान
कहा- आर्थिक सुधारों के मिलने लगे हैं लाभ
गर्ग ने विश्व बैंक की विकास समिति की 97वीं बैठक में कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेज विकास दर वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा। 2018 में भारत की विकास दर 7.4 फीसदी से अधिक रहने की उम्मीद है। उन्होंने विश्व बैंक से कहा कि जीएसटी जैसे क्रांतिकारी सुधार और दिवाला और दिवालियापन संहिता, बैंकों का पुनर्पूंजीकरण और इन्फ्रास्ट्रक्चर निवेश की बाधाओं को दूर करने जैसी पहलों से देश की उच्च विकास को बल मिलेगा।
7.4 फीसदी से अधिक विकास दर रहने की उम्मीद
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ साल में भारत ने अर्थव्यवस्था को औपचारिक बनाने के लिए और डिजिटल वित्तीय समावेशीकरण को बढ़ावा देने के लिए व्यापक संरचनात्मक सुधार किए हैं। गत चार साल में देश की औसत सालाना विकास दर 7.2 फीसदी रही है।
7.2 फीसदी रही गत चार साल की औसत सालाना विकास दर
गर्ग ने कहा कि डिजिटीकरण, वैश्वीकरण, अनुकूल जनसांख्यिकी और संरचनागत सुधारों के बल पर भारत की अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 2025 तक बढ़कर 5,000 अरब डॉलर तक पहुंच जाने का अनुमान है। वित्त मंत्री अरुण जेटली की अनुपस्थिति में गर्ग आईएमएफ और विश्व बैंक की सालाना स्प्रिंग बैठक के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं।