अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सहयोगी मित्र देशों को सैन्य ड्रोन बेचने का रास्ता साफ कर दिया है। ट्रंप ने सरकारी एजेंसियों को इन देशों को हथियारों की बिक्री प्रक्रिया तेज करने एवं उसे विस्तार देने का निर्देश दिया है। इसमें सहयोगी देशों को आधुनिक सैन्य ड्रोन का निर्यात भी शामिल है। व्हाइट हाउस ने इस बात की जानकारी दी।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने बताया कि अमेरिका निर्मित मानवरहित हवाई प्रणाली (यूएएस) के निर्यात के लिए नई प्रशासनिक नीति भी बनाई गई है। अमेरिका के इस कदम से भारत जैसे देशों को फायदा पहुंचने की उम्मीद है।
भारत अमेरिका का प्रमुख रक्षा भागीदार है। वह अमेरिका से बड़ी संख्या में सैन्य और निगरानी ड्रोन खरीदना चाहता है। सारा सैंडर्स ने बृहस्पतिवार को बताया कि ट्रंप ने राष्ट्रपति के राष्ट्रीय सुरक्षा ज्ञापन पर दस्तखत कर दिए हैं। इससे नई परंपरागत सैन्य स्थानांतरण (सीएटी) नीति को मंजूरी मिल गई है।