भारतीय मूल के अमेरिकी जज अमूल थापर को अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट का जज बनाया जा सकता है। अमेरिका के भावी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने थापर को देश के सुप्रीम कोर्ट के जजों के उम्मीदवारों की संभावित सूची में शामिल किया है। इसमें 21 लोगों के नाम शामिल हैं। हालांकि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के नामित जजों की सूची की घोषणा 23 सितंबर को होगी।
डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति बनने के साथ ही सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों को नामित करेंगे। फिलहाल 47 वर्षीय थापर ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ केंटकी के यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट जज हैं। अमेरिका के रिपब्लिकन राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने 24 मई 2007 को थापर को इस पद पर नामित किया था। इसके बाद सीनेट ने थापर की नियुक्त को 13 दिसंबर 2007 को अपनी मंजूरी दी थी। उन्होंने चार जनवरी 2008 को कमीशन प्राप्त किया। मिशिगन में जन्मे थापर सिनसिनाती और जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी में कानून के सहायक प्रोफेसर भी रह चुके हैं। वह वाशिंगटन और दक्षिणी ओहियो में सहायक अमेरिकी अटॉर्नी के रूप में भी सेवा दे चुके हैं।
जज बनने से पहले थापर ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ केंटकी में अमेरिकी अटॉर्नी रह चुके हैं। उन्होंने कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी से कानूनी की शिक्षा ली थी। सितंबर में ट्रंप ने सूची जारी करते हुए कहा था कि वह अमेेरिकी सुप्रीम कोर्ट के जजों का चयन करेंगे। उन्होंने इस सूची में शामिल 21 लोगों के नामों को चुनने में मदद करने वाली फेडरलिस्ट सोसाइटी और हेरिटेज फाउंडेशन समेत अन्य की तारीफ की थी।
इस चुनाव में हमारी हार की कई वजहें हैं
हिलेरी क्लिंटन
हिलेरी क्लिंटन ने हार का ठीकरा एफबीआई प्रमुख के सर पर फोड़ा
हिलेरी क्लिंटन ने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन प्रतिद्वंदी डोनाल्ड ट्रंप से हार के लिए एफबीआई निदेशक जेम्स कोमी को जिम्मेदार ठहराया है। पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी ने कहा कि कोमी ने चुनाव से ठीक पहले उनके खिलाफ ई-मेल मामले की जांच शुरू कर दी, जो उनकी ऐतिहासिक जीत में बाधक बन गई।
शनिवार को हिलेरी ने दानदाताओं और चुनाव के लिए फंड जुटाने वालों से कहा, ‘इस चुनाव में हमारी हार की कई वजहें हैं। हमारा विश्लेषण है कि कोमी की ओर से जांच शुरू करने की घोषणा ने मतदाताओं को दुविधा में डाल दिया और ई-मेल मामले के बेबुनियाद आरोप चुनाव जीतने में आड़े आ गए।’ हालांकि ट्रंप ने अपनी जीत का श्रेय सोशल मीडिया को दिया है। सीबीएस न्यूज को दिए साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि उनकी ऐतिहासिक जीत में ट्विटर और फेसबुक की अहम भूमिका रही।
वहीं, अमेरिका में ट्रंप के खिलाफ चौथे दिन भी प्रदर्शन जारी रहा। अमेरिका के लॉस एंजिलिस, न्यूयॉर्क, शिकागो जैसे शहरों में हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर ट्रंप के खिलाफ प्रदर्शन किया। इससे पहले शनिवार को प्रदर्शन के दौरान दो पुलिसकर्मी मामूली रूप से जख्मी हो गए थे। हालांकि लोगों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने ट्रंप टावर की ओर भी बढ़ने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उनको रोक दिया। फिलहाल ट्रंप अपने ट्रंप टावर में ही रह रहे हैं और सत्ता हस्तांतरण की रणनीति बना रहे हैं।