भारत, अमेरिका और अफगानिस्तान ने आतंकवाद के खिलाफ क्षेत्र में शांति और सुरक्षा की मजबूती में अपने साझा हितों को एक बार फिर दोहराया है। त्रिपक्षीय वार्ता के दौरान तीनों ही देशों ने युद्ध प्रभावित देश अफगानिस्तान की सरकार की प्राथमिकताओं के साथ समन्वय व सहायता के लिए रास्ते भी तलाशे। अफगानिस्तान में भारतीय राजदूत मनप्रीत वोहरा, अफगान उप विदेश मंत्री हिकमत करजई और अफगानिस्तान तथा पाकिस्तान के विशेष अमेरिकी प्रतिनिधि रिचर्ड ओल्सन ने बुधवार को 71वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा से अलग यह मुलाकात की।
बैठक के बाद त्रिपक्षीय बयान जारी कर क्षेत्र में शांति और सुरक्षा को मजबूत करने और आतंकवाद से मुकाबला करने के लिए साझा हितों की पुष्टि की गई। सभी पक्षों ने क्षेत्रीय पहलू सहित अफगानिस्तान में राजनीतिक, आर्थिक और विकास लक्ष्यों पर केंद्रित बहसों का स्वागत किया। बयान में कहा गया कि बैठक ने भारत और अमेरिकी सरकारों को अफगान सरकार की प्राथमिकता के अनुसार उनके साथ समन्वय करने और सहायता देने के उपायों के लिए एक मंच मुहैया कराया है। तीनों देश इस बात पर सहमत थे कि साझा मूल्यों व लक्ष्यों पर काम करने के लिए आपसी चर्चा से मदद मिलती है, इसलिए इसे नियमित रूप से जारी रखा जाएगा।
अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने पिछले माह अपने नई दिल्ली दौरे में कहा था कि वाशिंगटन तीनों देशों के साथ 2013 में रुकी बातचीत दोबारा शुरू करेगा। पूर्व में भारत अमेरिका रणनीतिक एवं वाणिज्यिक वार्ता के दौरान विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी कहा था कि तेजी से बदलते क्षेत्रीय और वैश्विक हालातों के तहत भारत इस साल अफगानिस्तान के साथ त्रिपक्षीय बैठक बहाल करने, अफ्रीका तथा बहुपक्षीय मुद्दों पर बातचीत का उत्सुक है।