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जेटली बोले- GST को बेपटरी करने के प्रयासों के बावजूद सुगम रही इसकी राह

Tue, 10 Oct 2017 11:13 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला
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केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि भारत में ‘गलत-जानकारी’ रखने वाले विपक्ष द्वारा जीएसटी को ‘बेपटरी’ करने के कई प्रयासों के बावजूद इसको अपनाने की राह ‘लगभग सुगम’ रही है।
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न्यूयॉर्क में भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) और अमेरिका चैंबर्स ऑफ कॉमर्स के एक संयुक्त कार्यक्रम ‘भारत के बाजार सुधार : आगे बढ़ने का रास्ता’ में जेटली ने कहा कि राज्य सरकारें समझदार हो रही हैं।

विपक्षी राजनीतिक समूहों ने जीएसटी को बेपटरी करने के कई प्रयास किए, लेकिन उनकी खुद की राज्य सरकारों ने उन्हें अनसुना कर दिया क्योंकि वे समझ गई हैं कि इसका 80 फीसदी हिस्सा राज्य के पास ही आएगा। यही कारण है कि उन राज्य सरकारों अपनी पार्टी के कम जानकारी रखने वाले केंद्रीय नेता की बात भी नहीं मानी और अपने राज्य को राजस्व नुकसान से बचा लिया।
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बता दें कि जेटली इन दिनों एक हफ्ते की अमेरिका यात्रा पर हैं जहां वह अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक की वार्षिक बैठकों में भाग लेंगे।

जेटली ने कहा कि जीएसटी के तहत सरकार ने कई आकर्षक योजनाएं शुरू की हैं ताकि भारत में कर के लिए गैर-अनुपालन की स्थिति को कर-अनुपालन की दिशा में ले जाया जाए। जीएसटी की वजह से जो लोग कर अनुपालन नहीं कर रहे थे, संयोगवश वह भी पकड़ में आ गए हैं। उन्होंने कहा कि जीएसटी की बाबत कुछ शिकायतें कर न चुकाने वालों ने पैदा की हैं।

भारत में बड़े फैसलों को लागू करने की क्षमता
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं में भारत ज्यादा स्वच्छ और बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। भारत के पास ज्यादा बड़े फैसले लेने और उन्हें कुशलता पूर्वक लागू करने की क्षमता है।

वित्त मंत्री ने कहा कि जिस समय अन्य अर्थव्यवस्थाएं जूझ रही थीं, उस समय भारत सबसे खुली और विश्व स्तर पर एकीकृत अर्थव्यवस्थाओं में से एक बना। जीएसटी लागू होने के बाद अमेरिकी निवेशकों को पहली बार संबोधित करते हुए जेटली ने ये बातें कहीं।
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