भारत नीति पर अमेरिका के विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन का पहला बड़ा भाषण ‘बहुत निर्भीक और मजबूत’ था और इसने द्विपक्षीय सहयोग के महत्व को रेखांकित किया है। यह कहना है दक्षिण एशिया मामलों की प्रख्यात भारतीय-अमेरिकी विशेषज्ञ निशा देसाई बिसवाल का।
टिलरसन ने बुधवार को कहा था कि अनिश्चितता और चिंता के इस समय में अमेरिका, वैश्विक मंच पर भारत का ‘भरोसेमंद साथी’ है। इस बयान के साथ ही उन्होंने चीन की ‘उकसावे वाली कार्रवाइयों’ के मामले में भारत का पक्ष लेने का मजबूत संकेत दिया है।
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ओबामा प्रशासन के दूसरे कार्यकाल में दक्षिण और मध्य एशिया की सहायक विदेश मंत्री (पूर्व) बिसवाल का कहना है कि यह कोई संयोग नहीं है कि टिलरसन द्वारा विदेश नीति पर दिया गया पहला बड़ा भाषण अमेरिका और भारत के संबंधों के बारे में था।
बिसवाल ने कहा, ‘मेरा मानना है, यह बहुत ही निर्भीक और मजबूत दृष्टिकोण है, जो इन संबंधों में अर्थव्यवस्था और व्यापार के महत्व को भी समझता है और यह भी कि अमेरिका और भारत के पास साझेदारी का मौका है कि वह एशिया-प्रशांत क्षेत्र के आसपास हो रही हिंसक आर्थिक घटनाओं से निपटने के लिए विकल्प मुहैया कराएं।’