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1949 से अब तक की वो बड़ी ओपन फायरिंग की वारदातें, जब हिला अमेरिका

Mon, 06 Nov 2017 02:20 PM IST
amarujala.com- presented by: मनीष कुमार
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अमेरिका में ओपन फायरिंग की वारदातें इस कदर बढ़ने लगी हैं कि मौत का ये खौफनाक मंजर वहां आम हो गया है। अमेरिका के टेक्सस की एक चर्च को हमलावर ने सोमवार को निशाना बनाया और यहां करीब 27 लोगों को गोलियों के भून दिया। बता दें कि ओपन फायरिंग की वारदातें अमेरिका में करीब 70 सालों से होती आ रही है।
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आईए आपकों बताते है वो बड़े मामले जब सिरफिरों ने अपनी सनक में बेगुनाहों को बनाया अपना निशाना....

टेक्सस में हुए हमले पहले आखिर ओपन फायरिंग 'द हार्वेस्ट म्यूजिक फेस्टिवल' में इसी साल 1 अक्तूबर को हुई थी। यहां 64 साल के स्टेफन पैड्डोक ने 32वीं मंजिल से फायर किया था, जिसमें करीब 58 लोगों की जान गई और 515 से ज्यादा घायल हुए थे। बताया जाता है कि यहां करीब 30 हजार लोग इक्ट्ठे हुए थे।

12 जून 2016 को ऑरलैंडो के नाइट क्लब में ओपन फायर हुई, जहां 49 लोगों की मौत हुई और 50 से ज्यादा घायल हुए थे। इस दौरान पुलिस ने फायर करने वाले हमलावर को गोली मारकर ढेर किया था।
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2012 में 20 मासूमों पर चलीं गोलियां

14 दिसंबर 2012 के एडम लांजा नाम के शख्स (20) नाम के शख्स ने करीब 20 मासूमों को मौत के घाट उतार दिया था। ये हमला एक स्कूल में किया गया था, जहां स्कूल का स्टाफ भी इसका शिकार हुआ।

साल 2007 के दिन 16 अप्रैल को एक 23 साल के छात्र ने वर्जिनिया टेक में हमला किया। हमलावर ने दो कैंप्स में दो जगह पर हमले किए और 32 लोगों की जान ले ली। पुलिस का कहना था कि आरोपी ने बाद में सुसाइड करके खुद को खत्म कर दिया।

बात है साल 2009 की जब आर्मी के एक मेजर निदाल मलिक हसन ने टेक्सस के फोर्ट हूड पर फायरिंग की। उसने करीब 13 लोगों की जान ले ली और इस आरोप में उसे मौत की सजा सुनाई गई। इसी साल न्यूयॉर्क के बिंघमटन में एक कम्युनिटी सेंटर में फायरिंग की घटना हुई है। बाद में हमलावर ने खुद को खत्म कर दिया।

1991 में टेक्सस में ही 23 लोगों की हुई मौत

साल 1991 में टेक्सस में ही 35 साल के जॉर्ज हेनार्ड ने 'द वॉल ऑफ लूबी कैफेटेरिया' पर हमला किया। वो वहां ट्रक लेकर पहुंचा और फायरिंग करने लगा, जिसमें करीब 23 लोगों की मौत हो गई। इसके बाद हेनार्ड ने खुद को वहीं खत्म कर दिया।

कैलिफोर्निया के 18 जुलाई 1984 के दिन एक मैक डोनल्ड में 41 साल के जेम्स हबर्टी ने 21 लोगों को फायरिंग से मौत के घाट उतारा। इस घटना में करीब 21 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। बाद में पुलिस ने जेम्स को मौत को गोली मारकर खत्म कर दिया।

साल 1986 के अगस्त महीने में एडमोंड ओकलाहोमा जगह ओपन फायर का शिकार बनी। यहां एक सिरफिरा तीन हैंडगन्स लेकर पहुंचा और लोगों पर फायर कर दिया। इस घटना में 14 लोगों की जान गई थी। बाद में हमलावर ने अपने सिर में गोली मारकर खुद को खत्म कर दिया था। 
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टेक्सस यूनिवर्सिटी पर बोला था हमला

ओपन फायरिंग की घटनाओं से टेक्सस का पुराना नाता रहा है। साल 1966 की तारीख 1 अगस्त को चार्ल्स जोसेफ विटमैन ने टेक्सस यूनिवर्सिटी पर हमला बोला था। उसने करीब 16 लोगों को खत्म कर दिया और 30 से ज्यादा को घायल कर दिया।

सबसे पुराना मामला साल 1949 का माना जाता है जब न्यूजर्सी में 28 साल के हॉवर्ड ने 13 लोगों को गोलियों से भून दिया। उसने वारदात को कैमडेन 32 स्ट्रीट पर अंजाम दिया है। हॉवर्ड ने जर्मन की पिस्टल का इस्तेमाल किया था।
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