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'जमीनी हमले से ही तबाह किए जा सकते हैं उत्तर कोरिया के परमाणु ठिकाने'

Mon, 06 Nov 2017 12:11 PM IST
बीबीसी,हिंदी
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परमाणु परीक्षण - फोटो : File Photo
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अमेरिकी रक्षा मंत्रालय का आकलन है कि उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह से बर्बाद करने का एकमात्र तरीका उस पर जमीनी हमला ही है। कांग्रेसमैन टेड ल्यू को अमेरिकी सेना के ज्वॉयंट चीफ ऑफ स्टाफ की तरफ से लिखी चिट्ठी में रियल एडमिरल माइकल ड्यूमॉन्ट ने ये विचार प्रकट किए हैं।
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माइकल ड्यूमॉन्ट का कहना है कि ऐसे किसी संघर्ष के संभावित खामियाजे का हिसाब-किताब निकालना बेहद मुश्किल है। उन्होंने इस बात पर भी थोड़ी रोशनी डाली है कि उत्तर कोरिया से संभावित युद्ध के शुरुआती घंटों में क्या कुछ हो सकता है।

परमाणु हथियार
उत्तर कोरिया से संभावित संघर्ष के बारे में पूछे गए कांग्रेसमैन टेड ल्यू के सवालों के जवाब में माइकल ड्यूमॉन्ट ने लिखा है, "उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े सभी ठिकानों की सटीक पहचान और उसकी बर्बादी को जमीनी हमले के जरिए ही अंजाम दिया जा सकता है।"
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हालांकि उन्होंने इस बात की आशंका भी जताई है कि "जब अमरीकी सुरक्षा बल उत्तर कोरिया के भूमिगत परमाणु ठिकानों पर कब्जे के लिए धावा करेंगे तो उत्तर कोरिया परमाणु हथियारों से जवाबी हमला कर सकता है।" माइकल ड्यूमॉन्ट आगे कहते हैं, "इस पर विस्तृत चर्चा के लिए अलग से एक बैठक की जा सकती है।"

ये भी पढ़ेंः चीन समेत एशिया के पांच देशों के दौरे पर निकले ट्रंप, लिस्ट में नहीं भारत

उत्तर कोरिया से युद्ध
अमेरिकी सेना के ज्वॉयंट चीफ स्टाफ राष्ट्रपति को सेना के मामलों पर सीधे सलाह देते हैं। टेड ल्यू ने इस खत के मुद्दे पर जारी एक बयान में रक्षा मंत्रालय के आकलन को 'परेशान करने वाला' बताया है।

उन्होंने चेतावनी दी है कि 'अगर उत्तर कोरिया से कोई संघर्ष हुआ तो युद्ध के पहले कुछ दिनों में लाखों लोगों की मौत हो सकती है।' उन्होंने कहा, "उनका आकलन इस बात को रेखांकित करता है जो हम लंबे समय से जानते हैं। उत्तर कोरिया से युद्ध कोई बेहतर सैनिक विकल्प नहीं है।
 
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ट्रंप का एशिया दौरा

जापान दौरे पर ट्रंप - फोटो : Reuters
टेड ल्यू और माइकल ड्यूमॉन्ट की ये चिट्ठी ऐसे समय में सार्वजनिक हुई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एशिया की लंबी यात्रा पर निकले हैं। माना जा रहा रहा है कि ट्रंप के इस दौरे में उत्तर कोरिया के खतरे पर संबंधित देशों से अमेरिका की बातचीत होगी।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप पहले ही ये कह चुके हैं कि अगर अमेरिका और उसके सहयोगियों को बचाने के लिए उन्हें मजबूर किया गया तो उनके पास उत्तर कोरिया को बर्बाद करने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचेगा।

रियर एडमिरल ड्यूमॉन्ट ने अपनी चिट्ठी में सीधे तौर पर ये बात कही है कि उनका विभाग के अनुसार सैन्य कार्यवाई करने से पहले आर्थिक और कूटनीतिक समाधान तलाशने की कोशिश होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि संभावित संघर्ष से होने वाली क्षति इन दो बातों पर निर्भर करती है कि उत्तर कोरिया की राजधानी सियोल पर कितना बड़ा हमला होता है जो सीमा से मात्र 56 किलोमीटर दूर है और अमेरिका और उसके सहयोगियों का अलार्म सिस्टम कितना बेहतर है।

उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध के बावजूद उत्तर कोरिया लड़ाई में बायोलॉजिकल और रासायनिक हथियारों का भी इस्तेमाल कर सकता है। उत्तर कोरिया ने कभी इन हथियारों को छोड़ने की बात नहीं की। चिट्ठी में लिखा है, "हो सकता है कि उनके पास काफी मात्रा में केमिकल हथियार हों।"
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