भारत ने अमेरिका के रक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभालने जा रहे चक हेगल के उस पुराने बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत अफगानिस्तान को पाकिस्तान के लिए 'दूसरे फ्रंट' के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है और पाकिस्तान के लिए समस्याएं पैदा कर रहा है।
अमेरिकी सीनेट ने हाल में रक्षा मंत्री के पद के लिए चक हेगल की नॉमिनेशन को स्वीकृति दी है। उनके इस पुराने भाषण को 'वाशिंगटन फ्री बीकन' नाम की संस्था ने अपनी वेबसाइट पर जारी किया है। भारत ने कहा है कि सीनेटर हेगल का बयान अफगान लोगों के हितों के लिए भारत की प्रतिबद्धता की सच्चाई से दूर है।
अमेरिका में भारतीय दूतावास ने कहा कि सीनेटर हेगल लंबे समय से भारत के दोस्त रहे हैं और उनका ये बयान असलियत से परे है। भारत अफगान लोगों की भलाई के प्रति समर्पित है....भारत अफगानिस्तान के साथ अपने रिश्तों को जीरो-सम-गेम (यानी किसी अन्य शक्ति के प्रभाव को खत्म करने) के तौर पर नहीं देखता।
भारतीय दूतावास ने आगे कहा कि चरमपंथ के खिलाफ हमारा (भारत का) विरोध अटल है। भारत की आर्थिक मदद का अफगानिस्तान की सरकार और वहां के लोगों ने स्वागत किया है। दुनियाभर में हमारे मित्रों ने इसका स्वागत किया है और इनमें अमेरिका भी शामिल है।
उधर भारत के भीतर भी इस मुद्दे पर खासी बयानबाजी हो रही है। जहां मीडिया में ये मुद्दा छाया हुआ, वहीं प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी के नेता यशवंत सिन्हा ने एक भारतीय टीवी चैनल से कहा कि जिस व्यक्ति को अमेरिकी प्रशासन ने रक्षा मंत्रालय का कार्यभार सौंपने का मन बनाया है, यदि उस व्यक्ति के मानस में ये बात हो कि भारत पाकिस्तान के खिलाफ अफगानिस्तान के जरिए कार्रवाई कर रहा है, तो ये भारत के खिलाफ गंभीर आरोप है। मुझे आश्चर्य है कि भारत सरकार ने अब तक इस पर अपनी आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
भारत भरोसेमंद साथी: ब्लेक
दक्षिण एशिया और मध्य एशिया के लिए अमेरिका के उपविदेश मंत्री रॉबर्ट ब्लेक ने भी कहा कि अमेरिका अफगानिस्तान में भारत की आर्थिक मदद को सकारात्मक भूमिका में देखता है।
उन्होंने कहा कि भारत दक्षिण एशिया में अमेरिका का सबसे 'भरोसेमंद साथी' है और दक्षिण एशिया की कोई भी बहस भारत से ही शुरु होनी चाहिए।
ब्लेक ने कहा कि जैसे-जैसे अफगानिस्तान से अमेरिकी फौज की संख्या कम होती जाएगी वैसे ही वहां की अर्थव्यवस्था को आर्थिक सहायता की बजाय व्यापार पर आधारित करना जरूरी होगा। इस काम में भारत की भूमिका बेहद अहम है।
'पाक के खिलाफ समस्याएं'
चक हेगल का बयान साल 2011 का है जब उन्होंने ओक्लाहोमा में कैमरन यूनिवर्सिटी में भाषण दिया था।
अपने पुराने भाषण में हेगल को ये कहते हुए सुना जा सकता है कि भारत पिछले कुछ साल से अफगानिस्तान को दूसरे फ्रंट के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है और कई सालों से भारत-पाकिस्तान के खिलाफ समस्याएं पैदा करने के लिए पैसा लगा रहा है।
हेगल ने आगे कहा कि इस मदद को आप किसी भी आयाम में देख सकते हैं लेकिन पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच रिश्ते कई सालों से तनावपूर्ण रहे हैं।