एच1बी वीजा को लेकर अमेरिकी सरकार ने भारत को भरोसा दिलाया है कि एच1 बी वीजा के नियमों को कड़ा करना उनकी प्राथमिकता नहीं है लेकिन ये उनकी इमिग्रेशन
पॉलिसी का खास हिस्सा होगा।
चार दिवसीय दौरे पर अमेरिका गए विदेश सचिव एस. जयशंकर ने अमेरिका के विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन से शनिवार को वॉशिंगटन डी.सी में मुलाकात की। इस दौरान भारतीय विदेश सचिव ने एस. जयशंकर ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता में आने के बाद से जारी एच1बी वीजा मसले को लेकर चर्चा की।
विदेश सचिव की ट्रंप प्रशासन के साथ एच1बी वीजा को लेकर हुई चर्चा में अमेरिकी प्रशासन ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों के साथ कई बैठकों में चर्चा हुई है। विदेश सचिव ने ट्रंप प्रशासन से कहा कि अमेरिका की अर्थव्यवस्था लगातार बढ़ रही है और अमेरिका के प्रतियोगिता में बने रहने के लिए भारतीय भागीदारी बहुत अहम है।
अमेरिकी सरकार ने भारत को भरोसा दिलाया है कि एच1 बी वीजा के नियमों को कड़ा करना उनकी प्राथमिकता नहीं है लेकिन ये उनकी इमिग्रेशन पॉलिसी का खास हिस्सा
होगा। बता दें कि एच1-बी वीजा की प्रीमियम प्रोसेसिंग को 6 महीने के लिए सस्पेंड कर दिया है।
विदेश सचिव एस. जयशंकर से इस मुद्दे पर बात करने पहुंची विजिटिंग कॉमर्स सेक्रेटरी रीता तेवतिया ने बताया कि भारत ने इस मुद्दे को अमेरिका के सामने पूरे ताकत के साथ उठाया है।
हमने इस मामले को अमेरिका के सामने रखने का प्रयास किया है कि एच 1-बी वीजा ट्रेड और सर्विस कैटेगरी में आता है और इससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था को ही फायदा मिलेगा और वो दुनिया के सामने मजबूत आर्थिक देश के तौर पर उभरेगा।