पैसेंजर ने मचाया हंगामा तो अमेरिकी एयरफोर्स ने प्लेन को लैंड कराया
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एक यात्री के बवाल के चलते प्लेन को उतारने के लिए अमेरिकी एयरफोर्स को आगे आना पड़ा। दरअसल, यात्री विमान में जमकर हंगामा कर रहा था। उसे सीट से बांधना भी पड़ा था, पर हकरतों से बाज न आने की वजह से किसी अनहोनी की आशंका के चलते एहतिहातन अमेरिकी एयरफोर्स ने कमान संभाली और विमान को लैंड कराया। हालांकि आरोपी यात्री पूरे दिन भर बवाल करता रहा था, ऐसे में उसे फिर से विमान में चढ़ने देना सुरक्षा व्यवस्था की पोल भी खोलता है।
खबरों के मुताबिक अमेरिकी एयरलाइंस के प्लेन को लैंड कराने के लिए एयरफोर्स के दो लड़ाकू विमानों को उड़ान भरनी पड़ी। लड़ाकू विमानों के मोर्चा संभालने के बाद प्लेन को होनूलुलू में लैंड कराया गया। उससे पहले ही प्लेन में यात्रियों की मदद से प्लेन क्रू ने हंगामा कर रहे यात्री को सीट बेल्ट से बांध दी थी।
बताया जा रहा है कि अनिल उस्कानिल नाम का ये पैसेंजर इस विमान में चढ़ने से पहले लॉस एंजिलिस इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गिरफ्तार भी हो चुका था। दरअसल, वो टर्मिनल से एयरफील्ड की ओर जाने वाले दरवाजे की ओर गया था। हालांकि उसे बाद में गलती मान कर छोड़ दिया गया था। बाद में आरोपी अनिल अमेरिकी एयरलाइन की फ्लाइट 31 पर सवार हो गया।
विमान के सहयात्री ने बताया कि अनिल ने अपना लैपटॉप किसी और सीट पर छोड़ दिया। वो शांत था। जैसे किसी और दुनिया में खोया हो। वो पॉयलट केबिन की तरफ जा रहा था, जिसका रास्ता रोका गया। बाद में उसे सीट पर ही टेप की सहायता से बांधा गया।
दरअसल, कई विमानन कंपनियों ने अपने प्लेन में लैपटॉप लेकर चलने की पांबदी लगा रखी है। खासकर उन विमानों में, जो मिडिल ईस्ट से या उसकी ओर उड़ान पर हों। जल्द ही ये रोक यूरोप की उड़ानों पर लगने जा रही है। यही वजह रही कि इस पूरे में मामले मे एफबीआई तक तुरंत सक्रिय हो गए और एयरफोर्ट के रैप्टर विमानों की सहायता से प्लेन को होनूलुलू में जबरन लैंड करा लिया गया। वैसे, बाद में अनिल को अस्पताल में भर्ती कराया गया, साथ ही केस में दर्ज किया गया।