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फेसबुक विवादः क्या अपने पद से इस्तीफा देंगे मार्क जुकरबर्ग?

Fri, 06 Apr 2018 11:50 PM IST
बीबीसी, हिन्दी
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mark zuckerberg
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फेसबुक को लेकर जारी विवादों के बीच कंपनी के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग ने कहा है कि कंपनी को चलाने के लिए वही सबसे बेहतर व्यक्ति हैं। बुधवार को जुकरबर्ग ने कॉन्फ्रेंस कॉल के जरिए संवाददाताओं से बात की। उन्होंने कहा, "जब आप फेसबुक जैसी कोई चीज बना रहे होते हैं जो अभूतपूर्व है, तो कभी-कभी गड़बड़ियां हो जाती हैं। मुझे लगता है कि अगर हम अपनी गलतियों से सीख रहे हैं तो लोगों को हमें जवाबदेह बनाना चाहिए।"

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मार्क जुकरबर्ग फेसबुक के संस्थापक के साथ-साथ कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और बोर्ड के चेयरमैन भी हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या कंपनी में उनके पद को लेकर भी चर्चा हुई है तो उन्होंने कहा, "मेरी जानकारी में तो नहीं!"

आज से महीने भर पहले भी कुछ लोगों ने कंपनी के नेतृत्व पर सवाल खड़े किए होंगे। लेकिन हाल में थर्ड पार्टी द्वारा फेसबुक यूजर के डेटा चोरी से संबंधित रिपोर्ट और साथ ही फेक न्यूज और राजनीति के लिए प्रचार को लेकर आई खबरों के बाद कई लोग कंपनी का नेतृत्व के रूप में जुकरबर्ग की काबिलियत पर सवाल खड़े कर रहे हैं। उन्हें लगता है कि ये कंपनी अब जुकरबर्ग के नियंत्रण से बाहर हो गई है।
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Facebook's founder Mark Zuckerberg
'किसी के प्रति जवाबदेह नहीं'
न्यूयॉर्क सिटी पेंशन फंड के प्रमुख स्कॉट स्ट्रिंगर ने इस सप्ताह कहा कि जुकरबर्ग को अपना पद छोड़ देना चाहिए। इस फंड के पास कंपनी की लगभग 1 अरब डॉलर की हिस्सेदारी है। उन्होंने सीएनबीसी को बताया, "उनके पास दो अरब यूजर्स हैं।"

स्कॉट स्ट्रिंगर कहते हैं, "वो फिलहाल मुश्किल स्थिति में हैं और उन्होंने खुद को ऐसे नहीं संभाला कि लोगों को फेसबुक के बारे में अच्छा लगे और वो अपने डेटा को लेकर निश्चिंत रह सकें।" उन्होंने जुकरबर्ग से अपील की कि वो अपने पद से इस्तीफा दें ताकि फेसबुक "अपना सम्मान वापिस पाने के लिए अपना दूसरा अध्याय शुरू कर सके।"

फेलिक्स सैलमन लिखते हैं, "वो मात्र ऐसी कंपनी का नेतृत्व नहीं कर रहे जो धरती पर मौजूद लगभग सभी इंसान से जुड़ी है, बल्कि आर्थिक तौर पर वो इतने धनवान हैं कि उनके पास सबसे अधिक शेयरहोल्डर वोट हैं और इस कारण बोर्ड में उनकी कही बात का वजन होता है। ऐसे में वो किसी के प्रति जिम्मेदार नहीं हैं।" "बोर्ड का गठन ही कुछ इस प्रकार है कि उन्हें निकाला नहीं जा सकता, वो इस्तीफा दे दें तो बात और है और मुझे लगता कि उन्हें ऐसा ही करना चाहिए।"

 

MARK ZUCKERBERG - फोटो : self
नकारात्मक प्रचार का कोई असर नहीं
33 साल के मार्क जुकरबर्ग ने जैसा सोचा था उनकी कॉन्फ्रेंस कॉल वैसी ही थी। एक समय उन्होंने ये भी कहा कि वो अधिक समय लेकर सवालों के जवाब देना चाहते हैं।

उनके जवाबों से हमें फेसबुक के बारे में चल रहे नकारात्मक प्रचार और 'डिलीट फेसबुक' (#DeleteFacebook) अभियान के असर के बारे में अधिक पता चला और बात ये है कि अब तक इन अभियानों का कुछ खास असर नहीं पड़ा है। उन्होंने कहा, "हमारी जानकारी में इसका कोई खास असर नहीं पड़ा है। लेकिन ये अच्छा नहीं है!"

कॉल के दौरान इस बात का पता नहीं चला कि बंद कमरे में जुकरबर्ग की टीम उनका कितना मार्गदर्शन कर रही है। लेकिन एक ऐसे व्यक्ति जिसकी आलोचना सहानुभूति की कमी के लिए की जाती रही हो, उसका एक घंटे तक बात करते रहना बताता है कि वो वाकई में मजबूती से अपनी जिम्मेदारी निभाना चाहते हैं। कंपनी के निवेशकों ने ऐसा सोचा होगा। इसीलिए कॉल के बाद कंपनी के शेयर में 3 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई।

अगले सप्ताह उनकी मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं। उन्हें कंपनी की ओर से दलील पेश करने के लिए वॉशिंगटन जाकर अमेरिकी कांग्रेस के सामने पेश होना होगा। यहां पर कैमरे के सामने उन्हें अपनी बात कहनी होगी।

 
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Facebook, Cambridge analytics
कैंम्बिज एनालिटीका का प्रकरण
संवाददाताओं के लिए आयोजित ये कॉन्फ्रेंस कॉल स्टेज पर जाने से पहले की ड्रेस रिहर्सल के समान थी। आने वाली महीनों में जैसे-जैस जांच बढ़ेगी जुकरबर्ग के नेतृत्व के संबंध में हालात नाटकीय अंदाज में बदल सकते हैं, खास कर तब जब फेडेरल ट्रेड कमीशन इस बात की जांच करेगी कि फेसबुक ने किस प्रकार यूजर डेटा को अपने पास रखा।

अगर ये पाया जाता है कि कंपनी अपनी जिम्मेदारी ठीक से निभा नहीं पाई है तो कंपनी पर बड़ा जुर्माना लगाया जा सकता है जिस कारण कंपनी पर अपने नेतृत्व में बदलाव करने का दवाब पड़ सकता है। अब तक लगे सभी आरोपों और अपने फैसलों के संबंध में सफाई देने के बाद जुकरबर्ग ने संवाददाताओं को बताया कि कैंम्बिज एनालिटिका प्रकरण के चलते किसी को कंपनी से बाहर का रास्ता नहीं दिखाया गया है। सारी जिम्मेदारियां उन्हीं पर आ कर रुक जाती हैं और हमें लगता है कि शायद आने वाले वक्त में ऐसा ही हो।
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