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वो वजह जिसके चलते अब अमेरिका जाना पसंद नहीं करते भारतीय टूरिस्ट

Tue, 19 Dec 2017 11:02 AM IST
एजेंसी, वॉशिंगटन
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साल 2017 के प्रथम छह माह में अमेरिका जाने वाले भारतीयों की संख्या उल्लेखनीय ढंग से कम हुई है। यूएस नेशनल ट्रेवल एंड टूरिज्म ऑफिस की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक इन छह महीनों (जनवरी से जून) में भारत से अमेरिका जाने वाले लोगों की तादाद में 12.9 फीसदी की गिरावट आई है। विशेषज्ञों ने नोटबंदी व जीएसटी को इसका बड़ा कारण बताया है। इसका एक कारण अमेरिका में वीजा मिलने की प्रक्रिया में असमर्थता भी बताई गई।
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अप्रैल, मई और जून की दूसरी तिमाही में यह गिरावट 18.3 प्रतिशत तक पहुंच गई। ब्रांड यूएसए के अध्यक्ष व सीईओ क्रिस थॉम्पसन ने एक साक्षात्कार में कहा कि 2017 के प्रारंभ में भारतीय यात्रियों की संख्या में यह बड़ी कमी देखी गई है और उम्मीद है कि यह काफी कम समय के लिए होगा। थॉम्पसन ने कहा कि संभवत: पिछले एक साल में भारत सरकार के बड़े और नीतिगत बदवाल के चलते ऐसा हुआ हो। 

उन्होंने कहा कि ऐसे कई कारण हैं जिनके चलते लोगों की यात्रा करने की क्षमता व इच्छा पर प्रभाव पड़ा है, इनमें नोटबंदी और जीएसटी भी बड़ी वजह हैं। हालांकि अमेरिका में आव्रजन विरोधी सामान्य भावनाओं को इसका कारण बताने संबंधी सवाल के जवाब में थॉम्पसन ने कहा कि भारत में इसका असर कम है। उन्होंने कहा कि वह घटती संख्या के पीछे के किसी खास कारण को इंगित नहीं कर सके हैं, लेकिन आशा जताई कि यह अल्पकालिक है।
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ब्रांड यूएसए ने अमेरिका के 11 बड़ी बाजारों पर यह शोध किया था। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप को भारतीयों के बीच अनुकूल रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे पास वीजा मुद्दा भी आया था जो अब हल हो गया है। 

अमेरिका को भारत से 2021 तक कई उम्मीदें
वर्ष 2016 में भारत से अमेरिका की यात्रा करने वालों ममें 11 लाख 70 हजार यात्री शामिल थे जिन्होंने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में 1.36 करोड़ डॉलर का योगदान दिया था। वाणिज्य विभाग ने नए अनुमान के मुताबिक 2016 के मुकाबले 2021 में अमेरिका को 8,14,000 यात्रियों के अतिरिक्त रूप से अमेरिका आने की उम्मीद है। यह 2016 के हिसाब से 72 फीसदी अधिक होगा। इस लक्ष्य के लिए दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानों में और बढ़ोतरी की जाएगी।
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