ग्लोबल वार्मिंग के कारण जंगलों में आग लगने की समस्या विकराल होती जा रही है। उत्तरी गोलार्ध के देशों में भी जोरदार गर्मी पड़ रही है। हाल ही में अमेरिका के कैलिफोर्निया और यूरोप में एथेंस के जंगलों में भीषण आग से काफी नुकसान हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार इंसानों का जंगल में बढ़ता दखल, जंगलों की खराब व्यवस्था और बदलती जलवायु जंगलों की आग लगने का बड़ा कारण है।
दुनिया में आग से तबाह हुए कई इलाके ऐसे हैं, जहां की जलवायु में तापमान और सूखा बढ़ने के कयास लगाए गए थे। गर्मी से वाष्पीकरण की प्रक्रिया भी तेज होती है और सूखा कायम रहता है। मौसम सूखा होगा तो वनस्पति सूखेगी और आग को ईंधन मिलेगा। सूखे पेड़-पौधों और घास में आग न सिर्फ आसानी से लगती है, बल्कि तेजी से फैलती है। सूखे मौसम के कारण जंगलों में ईंधन का एक भरा पूरा भंडार तैयार हो जाता है। गर्म मौसम में हल्की सी चिंगारी या फिर पेड़ पौधों के आपस में घर्षण से पैदा हुई आग जंगल जला देती है।
जंगल में आग कैसे लगती है?
आग के लिए तीन चीज़ों की जरूरत होती हैः ईंधन, ऑक्सीजन और ताप। जब गर्मी अपने परवान पर होती है तो पूरे जंगल को अपने आगोश में लेने के लिए एक हल्की चिंगारी काफी होती है। ये चिंगारी जंगलों से गुजरने वाली ट्रेनों के पहियों से निकल सकती है या फिर टहनियों की रगड़ से। सूरज की तेज किरणें और ठनक भी आग को बढ़ावा देती है। हालांकि ज्यादातर आग इंसान की लापरवाही के चलते लगती आई है। जैसे कैंप फायर, सिगरेट का जलता टुकड़ा, पटाखें और माचिस की तिल्लियां इसकी वजह रही हैं।
तेजी से क्यों फैलती है आग?
अगर आग एक बार लगती है तो इसे हवा बढ़ावा देती है। अगर हवा तेज़ गति से चल रही है तो आग तेजी से जंगल में फैलती है। गर्मी अपने परवान पर होती है तो जंगल में पेड़ों की टहनियां और शाखाएं सूख जाती हैं, जो आसानी से आग पकड़ लेती हैं। अगर जंगल में ढलान है तो आग और तेजी से फैलती है।
मौसम कितनी बड़ी वजह?
बारिश का कम होना, सूखे जैसी स्थिति, गर्म हवाओं का चलना और ज्यादा तापमान, ये सभी जंगलों में आग के लिए जिम्मेदार होते हैं। जैसे-जैसे प्रकृति का दोहन बढ़ रहा है, वातावरण में संतुलन बिगड़ रहा है। इसकी वजह से बारिश कम हो रही है, गर्मी ज्यादा होने लगी है, जिसके कारण जंगलों में आग का खतरा बढ़ता जा रहा है।
कैसे पाया जाता है काबू?
विशेषज्ञ आग की संभावनाओं का पता लगाने के लिए विशेष टूल का इस्तेमाल करते हैं, जो तापमान, हवा की गति जैसे मानकों की जांच करती है। इन मानकों के खतरनाक स्तर पर पहुंचने से पहले आग को रोकने के प्रयास किए जाते हैं। जैसे जंगल के इलाकों में बीच-बीच में गड्ढे खोद देना ताकि आग आगे न फैल सके। साथ ही जंगलों से उन सभी चीजों को हटा दिया जाता है, जो चिंगारी पैदा करती हों।
- 03 हजार 900 लाख वर्ष पूर्व पहली बार कार्बोनिफेरस युग में लगी थी जंगलों में आग। इसके प्रमाण उपलब्ध हैं।
- 2017 में दक्षिणी अमेरिकी देश चिली के जंगलों में लगी थी दशक की सबसे भीषण आग।
- 747 सुपर टैंक आग बुझाने में सबसे मददगार हैं, क्योंकि एक बार में यह 75 हजार लीटर से अधिक पानी गिरा सकते हैं।
- 30 मिनट के कम समय में इस सुपर टैंकर को जैल, फाेम और पानी से भरा जा सकता है। 600 मील की रफ्तार से यह उड़ सकता है।