रूस ने अमेरिका से किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई नहीं करने की नसीहत दी है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा, ‘हम उम्मीद करते हैं, सभी पक्ष ऐसे कदम से बचेंगे जो उकसावे वाली हो और इस क्षेत्र की नाजुक स्थिति को और अस्थिर करे। स्थिति तनावपूर्ण है। हम चाहते हैं कि रूस पर यह आरोप थोपने से पहले इसकी जांच हो।’
वहीं ट्रंप के ट्वीट के जवाब में रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखरोवा ने कहा, ‘आपको अपनी बेहतरीन मिसाइलों को आतंकियों की ओर उड़ाना चाहिए, एक वैध सरकार की ओर नहीं। अमेरिका की ओर से कोई भी मिसाइल हमला सीरिया के डूमा क्षेत्र में कथित रासायनिक हमले के सुबूत मिटाने का प्रयास हो सकता है।’
वहीं रूस के संयुक्त राष्ट्र प्रतिनिधि वासिली नेबेंजिया ने कहा, ‘मैं एकबार फिर आपसे (अमेरिका से) यह कहना चाहूंगा कि मौजूदा समय में आप जैसे हालात बना रहे हैं, उनसे बचें। उन्होंने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में किसी भी तरह की अवैध सैन्य कार्रवाई होती है तो आपको उसकी जिम्मेदारी उठानी होगी।’
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भी बैठक नाकाम
इससे पहले मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इस मामले का राजनयिक समाधान खोजने के प्रयास विफल रहे, वाशिंगटन और मॉस्को ने रासायनिक हथियारों के उपयोग में एक अंतरराष्ट्रीय जांच टीम के गठन के एक-दूसरे के प्रस्ताव का विरोध किया। अमेरिका के प्रस्ताव में था कि जांचकर्ता ही इस हमले के दोषी को तय करें। जबकि रूस के प्रस्ताव में यह अधिकार सुरक्षा परिषद को दिया गया था।
ओपीसीडब्लू की टीम को भेजा जाएगा सीरिया
प्रोहिबिशन ऑफ केमिकल वेपन्स (ओपीसीडब्लू) की एक टीम को जल्द ही सीरिया भेजा जाएगा। टीम वहां पता लगाएगी कि डूमा में प्रतिबंधित रसायनिक हथियारों का इस्तेमाल हुआ है या नहीं। हालांकि टीम ये पता नहीं लगाएगी कि हमले के पीछे कौन था।