अदालत में दिए गए दस्तावेजों के अनुसार डॉक्टर ने तीन महीने तक अपने स्पर्म उनकी मां के शरीर में डाले। ऐशबी और फाउलर का कहना है कि अगर उन्हें इस बात की जानकारी होती कि डॉक्टर अपने स्पर्म का इस्तेमाल करने वाले हैं तो इसके लिए कभी राजी नहीं होते।
दस्तावेजों के अनुसार डॉक्टर मॉर्टिमर ने ही बच्चे का जन्म करवाया और जन्म के बाद कुछ दिनों तक उसका ख्याल रखा। जब ऐशबी और फाउलर ने उन्हें बताया कि वो वॉशिंगटन जा रहे हैं तो "वो रो पड़े" थे।
केली ने अपने आरोपों में कहा है कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई थी कि उनकी मां को गर्भधारण में असुविधा हुई थी। इसके बारे में उन्हें तब पता चला जब उन्होंने अपनी डीएनए रिपोर्ट के बारे में उनसे बात की।
केली के माता-पिता, सैली ऐशबी और हावर्ड फाउलर की शादी 1980 के दशक में हुई थी। उस दौरान वो वायोमिंग सीमा के पास इडाहो फॉल्स के नजदीक रहते थे। फिलहाल दोनों का तलाक हो चुका है।
केली के पिता का स्पर्म काउंट कम था और उनकी मां भी गर्भाशय की समस्याओं से जूझ रही थीं। इस कारण दोनों ने कृत्रिम रूप से गर्भधारण कराने का फैसला लिया था जिसमें मेडिकल प्रक्रिया के तहत हावर्ड फाउलर और एक स्पर्म डोनर के स्पर्म के जरिए ऐशबी का गर्भधारण करवाया जाना था।
ऐशबी और फाउलर ने डॉक्टर गेराल्ड मॉर्टिमर से कहा था कि डोनर एक ऐसा कॉलेज छात्र होना चाहिए जो 6 फीट का हो और जिसकी आंखें नीली हों और बाल ब्राउन रंग के हों।
"डॉक्टर मॉर्टिमर को पता था कि केली उनकी बेटी हैं, लेकिन उन्होंने कभी ये बात ऐशबी और फाउलर को नहीं बताई। उन्होंने धोखा किया और जानबूझ कर ये बात छिपाई कि उन्होंने गर्भधारण की प्रक्रिया में अपने स्पर्म का इस्तेमाल किया है।"
बीते साल केली ने अपनी मां से बात की और उन्हें बताया कि उन्हें लगता है कि एनसेस्ट्री डॉट कॉम को भेजा गया उनका डीएनए टेस्ट गलत है। उनकी मां को ये जानकर "झटका लगा" कि माता-पिता की सूची में जो नाम है उसमें एक अन्य नाम भी शामिल है। ऐशबी ने अपने पूर्व पति से बात की और दोनों ने फैसला किया कि वो अपना शक जाहिर नहीं करेंगे।
दस्तावेजों के अनुसार, "ऐशबी और फाउलर ने अपने गुस्से को काबू में किया और ये सोच कर परेशान रहे कि इस जानकारी के सामने आने से उनकी बेटी को दुख पहुंचेगा।" बाद में केली ने अपना बर्थ सर्टिफिकेट देखा जिसमें डॉक्टर मॉर्टिमर का नाम और हस्ताक्षर थे। वो इस बात से डर गईं और उन्होंने बात करने के लिए अपने माता-पिता से संपर्क किया।
केली के वकील ने स्थानीय मीडिया में एक बयान जारी कर कहा कि परिवार ने फैसला किया है कि "वो अपनी कहानी सार्वजनिक तौर पर बताएंगे ताकि भरोसा तोड़ने के लिए दोषियों की जिम्मेदारियां तय की जा सकें। परिवार को इस बात का अंदाजा है कि इस मामले में लोगों की दिलचस्पी जरूर होगी, लेकिन उनका कहना है कि उनकी निजता का सम्मान किया जाए और इस मुश्किल स्थिति से उबरने कोशिश में उनका साथ दिया जाए।"
एनसेस्ट्री डॉट कॉम वेबसाइट की प्रवक्ता ने वॉशिंगटन पोस्ट को बताया, "डीएनए टेस्टिंग के जरिए लोग अपने परिवार और वंश में बारे में अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। हम मामले में सही जानकरी देने की पूर कोशिश करते हैं, लेकिन जैसा इस मामले में हुआ कि कभी-कभी लोगों को अज्ञात रिश्तों के बरे में भी पता चल जाता है।"
बीते साल इसी तरह का एक और मामले सामने आया था जिसमें इंडियाना के एक फर्टिलिटी ड़ॉक्टर पर आरोप था कि उन्होंने अपने मरीजों का गर्भधारण करने के लिए अपने स्पर्म का इस्तेमाल किया था।
कोर्ट रिकॉर्ड्स से पता चलता है कि कराए गए पैटर्निटी टेस्ट्स से जानकारी मिली कि वो अपने पास आने वाली औरतों में से कम से कम दो के बच्चों के पिता हैं।