अमरीका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस्राइल से कहा कि 20 जनवरी को उनके राष्ट्रपति बनने तक इस्राइल संयुक्त राष्ट्र में मजबूती से डटा रहे। ट्रंप ने अपने ट्वीट में कहा कि इस्राइल के साथ ऐसे अपमानजनक व्यवहार की इजाजत नहीं दी जा सकती है। साथ ही उन्होंने मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की यह कहते हुए आलोचना की कि वह परिवर्तन की बयार को रोक रहे हैं।
वहीं, इस्राइल के पीएम ने ट्रंप का शुक्रिया किया है और मामले में न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री मर्रे मैककुली को धमकाया है। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड इस्राइल के खिलाफ प्रस्ताव का समर्थन न करे। वरना उसका यह कदम ‘युद्ध की घोषणा’ होगी।
दरअसल, फलस्तीन में यहूदी बस्तियां बसाने को लेकर इस्राइल के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र में प्रस्ताव पास हो चुका है, लेकिन इस्राइल पीछे हटने को तैयार नहीं है। साथ ही उसने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से नाता तोड़ भी लिया है और अमेरिका की कड़ी आलोचना की है।
इस्राइल की इस पहल का समर्थन करते हुए ट्रंप ने ट्वीट किया कि इस्राइल के साथ ऐसे अपमानजनक व्यवहार की इजाजत नहीं दी जा सकती है। उन्होंने ये भी ट्वीट किया, ‘पहले ईरान के साथ समझौता और अब संयुक्त राष्ट्र में इस्राइल का विरोध।’
इस पर इस्राइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने कहा, ‘डोनाल्ड ट्रंप आपका इस गर्मजोशी भरी दोस्ती और साफ तौर पर इस्राइल का समर्थन करने के लिए शुक्रिया। उधर, ट्रंप के आलोचकों ने उनसे पूर्व में कई बार अंतरराष्ट्रीय मामलों पर बात करने के लिए पारंपरिक तौर तरीके अपनाने का अनुरोध किया है।
not anymore. The beginning of the end was the horrible Iran deal, and now this (U.N.)! Stay strong Israel, January 20th is fast approaching!— Donald J. Trump (@realDonaldTrump) December 28, 2016