अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा बुधवार को रूस को दी गई हमले की चेतावनी से हड़कंप मच गया। संयुक्त राष्ट्र संघ ने आपातकालीन बैठक बुलाई। जिसके बाद अब डोनाल्ड ट्रंप ने अपने बयान में थोड़ी नरमी बरती है।
ट्रंप ने ट्वीट कर कहा, "यह कभी नहीं कहा कि सीरिया पर हमला कब होगा। यह बहुत जल्द हो सकता है या फिर बिल्कुल भी जल्द नहीं हो। किसी भी सूरत में मेरे शासन में अमेरिका ने इस क्षेत्र से आईएसआईएस के सफाए का शानदार काम किया है। इसके लिए आपके अभी तक थैंक्यू अमेरिका नहीं कहा।"
डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को रूस को चेतावनी भरे लहजे में कहा था कि, असैन्य लोगों पर रासायनिक हथियारों के हमले के जवाब में ‘अमेरिकी मिसाइलें आएंगी’। ट्रंप ने कहा था कि, रूस तैयार हो जाओ, क्योंकि मिसाइलें आने वाली हैं, जो पहले से शानदार, नई और स्मार्ट होंगी।
ट्रंप के इस ट्वीट से अंतरराष्ट्रीय बिरादरी में हड़कंप मच गया। संयुक्त राष्ट्र संघ ने आपात बैठक की और इन ताकतवर देशों से कहा कि, सीरिया में नागरिकों के खिलाफ कथित तौर पर रासायनिक हमले से हालात "नियंत्रण से बाहर हो जाएंगे।"
पश्चिमी देशों की एक राय कायम हुई थी कि सीरिया के डूमा शहर पर हुए संदिग्ध रासायनिक हमले के दोषियों पर कार्रवाई में वे एकजुट होंगे। अमेरिका चाहता है कि एक अलग पैनल गठित हो और रासायनिक हमले की जांच कर दोषियों की पहचान की जाए।