अभिव्यक्ति और विचार रखने की आजादी पर संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत डेविड काये ने कहा है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इंटरनेट पर गलत सूचनाओं के सबसे बड़े दोषी हैं।
काये ने बुधवार को कहा कि जब दुष्प्रचार की बात आती है तो सरकारें वास्तविक अपराधी होती हैं। मेरे देश अमेरिका में, फर्जी सूचनाओं को देने के सबसे बड़े दोषी अमेरिका के राष्ट्रपति हैं। उन्होंने कहा कि सरकारों की तरफ से फैलने वाले फर्जी समाचार की समस्याओं पर पत्रकारों को काम करना चाहिए।
गूगल, फेसबुक, ट्विटर जैसे मंच बॉट व विदेशी हस्तक्षेप जैसे दुष्प्रचार के खिलाफ बड़े पैमाने पर लड़ाई में मदद कर सकते हैं, लेकिन उन्हें सामग्री नहीं हटाना चाहिए। काये के अनुसार, इन मंचों को सामग्री पर नियंत्रण स्थापित करने के बदले स्पैम और बॉट खाते को कम करने पर अपना ध्यान केंद्रित करना चाहिए। बता दें कि ट्रंप ने कई बार अमेरिकी मीडिया को लोगों का दुश्मन करार दिया है और फेक न्यूज फैलाने के लिए कई प्रतिष्ठानों की आलोचना की है।