अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीआईए को आतंकवादी संगठनों के खिलाफ ड्रोन हमलों का अधिकार दे दिया है। यह फैसला पाकिस्तान के लिए प्रभावी हो सकता है। द वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक ओबामा प्रशासन की पिछली नीतियों में इस फैसले द्वारा एक और बदलाव किया गया है। इस तरह के ड्रोन हमले करने का अधिकार रक्षा विभाग को था और सीआईए खुफिया जानकारी के लिए ही ड्रोन का इस्तेमाल करता था।
व्हाइट हाउस और सीआईए ने फिलहाल द वॉल स्ट्रीट जर्नल की इस खबर पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। अखबार ने कहा है कि ट्रंप ने 21 जनवरी को सीआईए के मुख्यालय का दौरा करने के बाद यह फैसला लेने में बहुत अधिक समय नहीं लगाया।
अखबार के मुताबिक ‘ट्रंप प्रशासन सेना को पेंटागन या व्हाइट हाउस की मंजूरी के बगैर भी ऑपरेशन का संचालन करने संबंधी अतिरिक्त अधिकार देने जा रहा है।’ सीआईए को ड्रोन हमले करने का अधिकार देने के ट्रंप के अप्रत्याशित फैसले से अमेरिकी सरकार में हलचल पैदा हो गई है।
वॉशिंगटन डीसी स्थित एक थिंक-टैंक, न्यू अमेरिका के एक अध्ययन के मुताबिक ओबामा द्वारा नीति में बदलाव करने और सिर्फ रक्षा विभाग को ड्रोन हमले करने का अधिकार देने से पहले सीआईए द्वारा सबसे अधिक ड्रोन हमले पाकिस्तान में किए गए थे। इसलिए यह फैसला पाक के लिए भी प्रभावी हो सकता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में ट्रंप के शपथ लेने के एक दिन बाद, 21 जनवरी को अमेरिकी विद्वान पीटर बर्गन और डेविड स्टेर्मन ने सीएनएन में लिखा था कि ड्रोन हमले में कम से कम 1,904 लोग मारे गए हैं और यह आंकड़ा 3,114 के बराबर भी हो सकता है। ओबामा प्रशासन के आखिरी 8 माह के दौरान अमेरिकी ड्रोन हमले बंद थे।