उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन के अमेरिकी राष्ट्रपति को मुलाकात का न्यौता स्वीकारे जाने के बाद से दोनों देशों के बीच काफी कुछ बदल गया है। एक-दूसरे पर गालियों और मानसिक विक्षिप्त होने की बौछार करने वाले दोनों नेताओं के सुर अब बदलते जा रहे हैं। खासतौर पर उत्तर कोरिया को बर्बाद करने की धमकी देने वाले ट्रंप ने अब किम को बेहद सम्मानित शख्स बताया और उम्मीद जताई कि वे जल्द मिलेंगे।
किम जोंग को तानाशाह बताने वाले ट्रंप ने कहा है कि उत्तर कोरियाई नेता काफी खुले हुए हैं और हम जो देख रहे हैं उससे लगता है कि वे एक बेहद सम्मानित इंसान हैं। हालांकि दोनों के रिश्तों में नरमी के बावजूद अमेरिका अभी पूरी तरह से उत्तर कोरिया पर भरोसा नहीं कर पा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि अमेरिका ने उत्तर कोरिया पर जो प्रतिबंध लगाए हैं उन्हें हटाने में ट्रंप ने अब तक कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है।
ट्रंप ने कहा है कि जब तक यह कोरियाई देश परमाणु कार्यक्रमों की काफी हद तक खत्म नहीं कर दे तब तक ऐसा नहीं किया जाएगा। ट्रंप ने किम जोंग-उन को लेकर यह भी कहा कि हाल ही के वर्षों में उत्तर कोरिया ने काफी वादे किए लेकिन किम कभी भी इस स्थिति में नहीं थे। उन्होंने दोहराया कि उनकी किम से मुलाकात मई अंत या जून के शुरूआती सप्ताह में हो सकती है। हालांकि फिलहाल किसी तारीख की घोषणा नहीं हुई है।
अमेरिका ने हैरी को ऑस्ट्रेलिया का दूत बनाया, पर अचानक द. कोरिया भेजा
ट्रंप प्रशासन ने अचानक यह फैसला किया है कि ऑस्ट्रेलिया में अमेरिकी राजदूत एडमिरल हैरी बी. हैरिस जूनियर को तुरंत दक्षिण कोरिया का दूत बनाया जाए। इसकी वजह ट्रंप-किम की मुलाकात के दौरान राजनयिक शून्य को भरना बताया गया। यह फैसला अमेरिकी सहयोगी ऑस्ट्रेलिया के लिए एक राजनयिक झटके के रूप में लिया जा रहा है, क्योंकि हैरी प्रशांत क्षेत्र के लिए बनाई जाने वाली नीतियों के लिए काफी बेहतर चुनाव थे। ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री जूली बिशप ने इसकी पुष्टि की। हालांकि उन्होंने कहा कि कोरियाई प्रायद्वीप में अमेरिका के लिए अहम चुनौतियां हैं।