अमेरिकी संसद में पाकिस्तान को दी जाने वाली सैन्य मदद पर नियंत्रण वाला बिल पेश किया गया। बिल के पास होने की सूरत में पाकिस्तान सिर्फ आतंक रोधी क्षमताओं के लिए ही अमेरिका से आर्थिक मदद पा सकेगा।
दरअसल, पाकिस्तान को सुरक्षा सहायता के तौर पर दी जाने वाली आर्थिक मदद पर रोक को अमेरिका के 1300 अरब डॉलर के व्यय विधेयक में शामिल किया गया है। यह विधेयक वित्त वर्ष 2018 की शेष अवधि के दौरान संघीय सरकार को कोष प्रदान करेगा। बता दें कि जनवरी में अमेरिका ने पाकिस्तान को दी जाने वाली 2 अरब डॉलर की सुरक्षा सहायता स्थगित कर दी थी।
इस विधेयक के मुताबिक, पाकिस्तान को विदेशी सैन्य वित्त सहायता कार्यक्रम के तहत कोई सहायता सिर्फ आतंक रोधी क्षमताओं में सहयोग करने के लिए उपलब्ध होगी।
अमेरिकी कांग्रेस के नेता हफ्तों की बहस के बाद संघीय खर्च पर बुधवार देर रात एक करार पर पहुंचे। सरकार को कोष उपलब्ध करने की समय सीमा के दो दिन पहले यह कदम उठाया गया। सरकार के यह कदम नहीं उठाने पर उसका कामकाज ठप पड़ जाने का खतरा था।
अमेरिकी सेना के कोष में होगी वृद्धि
2,232 पेजों का मसौदा विधेयक पिछले 15 साल में अमेरिकी सेना को कोष में सबसे ज्यादा वृद्धि मुहैया कराएगा। साथ ही बुनियादी ढांचा व सीमा सुरक्षा जैसी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं में अहम निवेश करेगा। बिल लागू होने के 30 दिनों के भीतर विदेश मंत्री कोष को लेकर विनियोग पर समितियों से परामर्श करेंगे।