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गोली चलाने से पहले हत्यारे ने पूछा ‘क्या तुम्हारे पास वीजा है’

Sat, 25 Feb 2017 10:51 PM IST
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस/ओलेथ
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आरोपी एडम पुरिंटन - फोटो : file photo
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अमेरिका के कंसास राज्य स्थित बार में हुए गोलीकांड के बाद प्रत्यक्षदर्शियों ने इसे नस्लीय हमला बताने के बावजूद पुलिस ने इसे घृणित अपराध की श्रेणी में नहीं रखा है। इस बीच मृतक के साथ गोलीकांड का शिकार हुए उनके साथी आलोक मदासानी ने बताया है कि हत्यारे ने नस्लीय टिप्पणी के साथ साथ फायरिंग से पहले उनके वीजा को लेकर भी सवाल किए थे। उधर, इंजीनियर की पत्नी सुनयना दुमाला ने भी ट्रंप सरकार से पूछा है कि क्या सरकार हमें सुरक्षा दे पाएगी।
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आलोक मदासानी ने ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ को फोन पर बताया कि - ‘बार में बैठे आरोपी एडम पुरिंटन ने हम दोनों से पूछा था कि क्या हमारा वीजा मौजूदा स्थिति में चालू है या हम अवैध रूप से अमेरिका में निवास कर रहे हैं।’ मदासानी ने बताया कि पुरिंटन के सवालों का हमने कोई जवाब नहीं दिया और बार में बैठे लोग भी पूरे वक्त बेहूदा हरकतें करते रहे। इस दौरान वह बात को आगे तक ले गया। पुरिंटन ने कहा कि हम लोग अमेरिका से संबंध नहीं रखते हैं। मदासानी के मुताबिक - ‘मैं मैनेजर के पास गया और इस हरकत की शिकायत की। इसके बाद आरोपी को बार से बाहर निकाल दिया गया।’ थोड़ी देर बाद वह बाहर से वापस आया और दोनों भारतीयों पर गोलियां चला दीं, जिसमें श्रीनिवास कुचिभोतला की मौत हो गई।

श्रीनिवास की पत्नी सुनयना दुमाला ने अमेरिकी सरकार से जवाब मांगा है कि अल्पसंख्यकों के खिलाफ होने वाले घृणित अपराध रोकने के लिए वह क्या कर रही है। सुनयना ने पत्रकारों के सामने ट्रंप सरकार से पूछा कि क्या सरकार हमें सुरक्षा दे सकती है। सुनयना ने ट्रंप का नाम लिए बिना अमेरिकी सरकार से कई सवालों के उत्तर मांगे। सुनयना ने बताया कि उन्हें पहले ही अमेरिका में रहने पर संदेह था। इस संबंध में वह अक्सर श्रीनि से पूछती थीं कि - ‘क्या हमें अमेरिका में रहना चाहिए? इस पर मेरे पति यह भरोसा जताते थे कि अमेरिका में अच्छी चीजें होती हैं। अभी कुछ दिन और देखते हैं।’ 
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मीडिया से बात करते हुए सुनयना दुमाला की आंखें भरभरा गई, लेकिन उनका संदेश स्पष्ट था। उन्होंने कहा कि वह सिर्फ अपने पति के लिए नहीं बल्कि एशियाई, अफ्रीकी और अमेरिकी समेत हर नस्ल के लोगों के लिए ये सवाल उठा रही हैं जिन्होंने अपनों को ऐसी हिंसा में खोया है। उन्होंने कहा कि - ‘मैं नहीं जानती कि मैं उनकी मां को क्या जवाब दूंगी कि क्यों मैं उनके बेटे को नहीं बचा पाई। 

भारतीय इंजीनियर की हत्या को ट्रंप से न जोड़ें

Donald Trump
ट्रंप प्रशासन ने कंसास राज्य में भारतीय इंजीनियर की मौत पर कहा है कि कोई भी मौत दुखद होती है, लेकिन इस हमले को ट्रंप के बयानों से जोड़ना हास्यास्पद है। व्हाइट हाउस प्रवक्ता शीन स्पाइसर ने कहा कि हमले के मकसद पर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। गौरतलब है कि अमरीकी मीडिया ने प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से इस हमले को नस्लीय हिंसा बताते हुए इसे राष्ट्रपति ट्रंप के अप्रवासियों के खिलाफ दिए गए बयानों से प्रेरित बताया था।

कागजी कार्रवाई के इंतजार में है श्रीनिवासन का शव

हमले में मारे गए इंजीनियर श्रीनिवासन कुचीवोतला
हमले में मारे गए इंजीनियर श्रीनिवासन कुचीवोतला का शव फिलहाल दाह-गृह में ही रखा हुआ है। भारतीय अधिकारी मृत्यु प्रमाणपत्र और दूसरी कागजी कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। भारतीय काउंसलर जनरल अनुपम रे ने बताया कि दस्तावेजों के आते ही श्रीनि का शव भारत के लिए रवाना कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि - ‘इस पूरे मामले को खुद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज मॉनीटर कर रही हैं। हम हर तरह की मदद के लिए तैयार हैं।’

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने भी की निंदा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेज - फोटो : Getty Images
अमेरिका में कथित रूप से नस्लवाद से प्रेरित होकर की गई गोलीबारी में एक भारतीय इंजीनियर के मारे जाने के बाद संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने विदेशियों को पसंद नहीं करने और इस्लाम को लेकर दहशत की भावना रखने की कड़ी निंदा की है। महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजार्रिक ने संवाददाताओं से कहा कि यदि आपने पिछले कुछ माह के दौरान महासचिव ने जो कुछ कहा उसे सुना है, तो पाएंगे कि उन्होंने विदेशियों और इस्लाम को लेकर दहशत की भावना एवं यहूदियों के प्रति पक्षपात के खिलाफ जोरदार ढंग से बात की है। दुजार्रिक ने यह टिप्पणी कंसास राज्य में हुई गोलीबारी में भारतीय इंजीनियर की हत्या के बाद अमेरिका में बढ़ रहे घृणित अपराध को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में की।
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माइक्रोसॉफ्ट प्रमुख सत्य नडेला ने की आलोचना

सत्य नडेला
माइक्रोसॉफ्ट प्रमुख भारतवंशी सत्य नडेला ने अमेरिका में भारतीय इंजीनियर की गोली मार कर हत्या की घटना की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि समाज में इस तरह की हिंसा और कट्टरता के लिए कोई जगह नहीं है। नडेला ने ट्वीट किया कि इस तरह की मूर्खतापूर्ण हिंसा और कट्टरता के लिए हमारे समाज में कोई जगह नहीं है, कंसास में हुई गोलीबारी की इस घटना में मारे गए व्यक्ति और उसके परिवार के साथ मेरी संवेदना है।
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