अमेरिका में भारतीयों पर नस्लवादी हमलों में हो रही बढ़ोतरी लगातार जारी है। वहीं डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद भारतीय छात्रों में भय का माहौल है। छात्र इस भय से गहरी चिंता में हैं।
छात्र अपनी फिजिकल सेफ्टी और खुली आजादी के लिए भी चिंतित हैं।
दरअसल अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा संस्थान ने हाल ही में एक सर्वे किया है जिसकी रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। राष्ट्रपति बनते ही ट्रंप ने जिस तरह 6 मुस्लिम देशों के नागरिकों के अमेरिका आने पर पाबंदी लगाई है जिसकी वजह से छात्र गहरी चिंता में हैं।
सर्वे में यह बात भी सामने आई है कि विश्व से सैकड़ों छात्र अमेरिका आकर पढ़ते हैं और उनका अर्थव्यवस्था में 36 बिलियन डॉलर से भी ज्यादा की हिस्सेदारी है। यह बात भी सामने आई है कि नामांकन के बाद मध्य एशिया के छात्र इसमें सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
31 प्रतिशत संस्थाओं में गहरी चिंता है कि मध्य एशिया से एडमिशन का ऑफर स्वीकार करने वाले छात्र संस्थान नहीं पहुंच रहे हैं तो वहीं 20 प्रतिशत संस्थाएं भारतीय छात्रों के न आने पर चिंतित हैं।
सर्वे में इसके पीछे की बड़ी वजह वीजा को लेकर छात्रों की चिंता है। 46 प्रतिशत संस्थाएं ने कहा कि छात्र वीजा के लिए अप्लाई करने में समस्याओं का सामना कर रहे हैं।