अमेरिकी न्याय विभाग ने घोषणा की है कि फरवरी में दो भारतीयों पर गोली चलाने वाले कंसास हत्याकांड के आरोपी एडम डब्ल्यू. प्यूरिनटन को संघीय घृणा अपराध के तहत दोषी पाया गया है। हत्यारे को संघीय ग्रांड ज्यूरी ने शुक्रवार को दोहरे घृणित अपराध और गोलीकांड का दोषी पाया जिसमें श्रीनिवास कुचिभोतला की मौके पर ही मौत हो गई थी। यद्यपि अभियोजन पक्ष ने कहा है कि वे बाद में फैसला करेंगे कि इसे आगे बढ़ाया जाए या नहीं, लेकिन यदि यह मामला आगे बढ़ता है तो हत्यारे को मौत की सजा सुनाई जा सकती है।
अमेरिका के 51 वर्षीय रिटायर्ड नौसैनिक एडम प्यूरिनटन ने कंसास शहर के एक रेस्टोरेंट में नस्ली टिप्पणी करते हुए दो भारतीयों पर गोली चलाई थी कि - ‘मेरे देश से दफा हो जाओ।’ इस गोलीकांड में श्रीनिवास की मौत हो गई थी जबकि उनका दोस्त आलोक मदासानी घायल हो गया था। दोनों को बचाने आए अमेरिकी युवा इयान ग्रिलोट भी घायल हुए थे। गोलीकांड के शिकार श्रीनिवास की पत्नी सुनयना दुमाला को जब इस घोषणा के बारे में बताया गया तो उन्होंने इस पर राहत और दर्द के साथ अपनी प्रतिक्रिया दी।
सुनयना ने भरोसा जताया, ‘न्याय मिलेगा और करीब करीब एक हद तक यह मिल भी गया है।’ इस हत्याकांड के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका में नस्ली हिंसा पर चिंता जाहिर की गई थी। न्याय विभाग द्वारा होने वाली घोषणा पर संघीय अधिकारियों को कोई आश्चर्य नहीं है क्योंकि वे गोलीकांड के कुछ दिन बाद ही इस अपराध की जांच घृणा अपराध के नजरिए से ही कर रहे थे। हत्या का आरोपी प्यूरिनटन अमेरिकी कानून के हिसाब से ‘पूर्वनियोजित फर्स्ट-डिग्री की हत्या’ और ‘पूर्वनियोजित हमले के प्रयास’ संबंधी आरोपों का सामना कर रहा है।