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अमेरिका में भारतीय के हत्यारे को मिल सकती है सजा-ए-मौत

Sun, 11 Jun 2017 04:28 AM IST
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस/ वाशिंगटन 
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अमेरिकी न्याय विभाग ने घोषणा की है कि फरवरी में दो भारतीयों पर गोली चलाने वाले कंसास हत्याकांड के आरोपी एडम डब्ल्यू. प्यूरिनटन को संघीय घृणा अपराध के तहत दोषी पाया गया है। हत्यारे को संघीय ग्रांड ज्यूरी ने शुक्रवार को दोहरे घृणित अपराध और गोलीकांड का दोषी पाया जिसमें श्रीनिवास कुचिभोतला की मौके पर ही मौत हो गई थी। यद्यपि अभियोजन पक्ष ने कहा है कि वे बाद में फैसला करेंगे कि इसे आगे बढ़ाया जाए या नहीं, लेकिन यदि यह मामला आगे बढ़ता है तो हत्यारे को मौत की सजा सुनाई जा सकती है। 
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अमेरिका के 51 वर्षीय रिटायर्ड नौसैनिक एडम प्यूरिनटन ने कंसास शहर के एक रेस्टोरेंट में नस्ली टिप्पणी करते हुए दो भारतीयों पर गोली चलाई थी कि - ‘मेरे देश से दफा हो जाओ।’ इस गोलीकांड में श्रीनिवास की मौत हो गई थी जबकि उनका दोस्त आलोक मदासानी घायल हो गया था। दोनों को बचाने आए अमेरिकी युवा इयान ग्रिलोट भी घायल हुए थे। गोलीकांड के शिकार श्रीनिवास की पत्नी सुनयना दुमाला को जब इस घोषणा के बारे में बताया गया तो उन्होंने इस पर राहत और दर्द के साथ अपनी प्रतिक्रिया दी। 

सुनयना ने भरोसा जताया, ‘न्याय मिलेगा और करीब करीब एक हद तक यह मिल भी गया है।’ इस हत्याकांड के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका में नस्ली हिंसा पर चिंता जाहिर की गई थी। न्याय विभाग द्वारा होने वाली घोषणा पर संघीय अधिकारियों को कोई आश्चर्य नहीं है क्योंकि वे गोलीकांड के कुछ दिन बाद ही इस अपराध की जांच घृणा अपराध के नजरिए से ही कर रहे थे। हत्या का आरोपी प्यूरिनटन अमेरिकी कानून के हिसाब से ‘पूर्वनियोजित फर्स्ट-डिग्री की हत्या’ और ‘पूर्वनियोजित हमले के प्रयास’ संबंधी आरोपों का सामना कर रहा है। 
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गोलीकांड को लेकर दबाव में था न्याय विभाग

नस्ली हमले में एक भारतीय की मौत को लेकर अमेरिका का न्याय विभाग संघीय आरोपों के चलते जबरदस्त दबाव में था, क्योंकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अप्रवासियों के खिलाफ की जाने वाली तल्ख टिप्पणियों के कारण देश में विदेशियों के खिलाफ दुश्मनी का माहौल तैयार हो रहा था। इस हत्याकांड के बाद अमेरिका में हुए अन्य हमलों की रिपोर्ट ने देश के कई प्रांतों को नफरत विरोधी कानून बनाने के लिए प्रेरित किया और नफरत व घृणा की परिभाषा को विस्तारित किया। इन सभी कारणों से न्याय विभाग और भी सचेत रहा।

इसलिए भी महत्वपूर्ण है यह घोषणा
कंसास गोलीकांड के बाद पूरी दुनिया में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ माहौल बनने लगा और संदेश गया कि खुद ट्रंप ने कई बार नस्ली टिप्पणियां की थीं इसलिए उनका असर अमेरिकी जनता पर पड़ा है। श्रीनिवास की मौत के बाद व्हाइट हाउस के प्रवक्ता सीन स्पाइसर ने यहां तक कहा कि - ‘अप्रवासियों के खिलाफ हिंसा और ट्रंप के नीतिगत एजेंडे के बीच कोई संबंध की बात ढूंढना बेहूदा बात है।’ व्हाइट हाउस ने इस गोलीकांड को बुरा जरूर कहा लेकिन घृणा अपराध मानने से इनकार कर दिया था। बाद में साबित हुआ कि यह ‘घृणा अपराध’ ही था।

भरोसा है, न्याय मिलेगा
मुझे इतना पता है कि श्रीनिवास अब हमारे साथ नहीं हैं, लेकिन न्याय विभाग की घोषणा से मुझे खुशी है कि चीजें आगे बढ़ रही हैं। मुझे पूरा भरोसा है कि न्याय मिलेगा
- सुनयना दुमाला (श्रीनिवास की पत्नी)
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